देहरादून। उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस मुख्यालय स्तर पर अब मासिक समीक्षा होगी। जिन घरों में ऐसे सिटीजन रहते हैं, उनके आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगाने लगाने के साथ, ऐसे सिटीजन को पुलिस एप्प के आपात बटन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंगलवार को यहां पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने प्रदेश में निवासरत अकेले सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के दृष्टिगत समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने स्थानीय पुलिस को प्रत्येक माह सीनियर सिटीजन के घरों पर भ्रमण कर उनकी कुशलता पूछने एवं माह में दो बार दूरभाष, मोबाइल के माध्यम से सम्पर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय पुलिस को भ्रमण के दौरान, सीनियर सिटीजन को उत्तराखंड पुलिस एप एवं इमरजेंसी बटन (एस.ओ.एस) की जानकारी दिये जाने हेतु निर्देशित किया। बैठक के दौरान, श्री कुमार ने निर्देश दिए कि सीनियर सिटीजन के सुरक्षा हेतु थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क प्रभारी और जनपद स्तर पर पुलिस उपाधीक्षक (महिला सेल) को सीनियर सिटीजन सेल का नोडल अधिकारी नामित किया जाय। उन्होंने कहा कि अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन की सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आस-पड़ोस के सामजिक कार्यकर्ताओं को उनकी मदद हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा और आस-पड़ोस के सामाजिक कार्यकर्ताओं से सम्पर्क कर सीनियर सिटीजन की सहायता कराई जाए। उन्होंने घरों पर अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन की सुरक्षा हेतु स्थानीय पुलिस को मोहल्ला समिति एवं सी0एस0आर0 की मदद से सीसीटीवी कैमेरे स्थापित करने हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीजीपी को बैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में, प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 1067 सीनियर सिटीजन का चिन्हीकरण एवं 2398 वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस एप में रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। इस पर डीजीपी ने समस्त जनपद प्रभारियों को वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण करते हुए नई अद्यतन सूची बनाने के निर्देश दिए। बैठक में निश्चित किया गया कि सीनियर सिटीजन की सुरक्षा से सम्बन्धित समस्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुए विस्तृत फॉर्मेट बनाया जायेगा। उपरोक्त फार्मेट के आधार पर सम्पत्ति या अन्य किसी विवाद के होने पर सम्बन्धित सीनियर सिटीजन की कॉउंसलिग कर सहायता की जायेगी। इसके अतिरिक्त, निश्चित किया गया कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु पुलिस मुख्यालय स्तर पर अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी। इन लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही अमल मे लायी जाएगी। बैठक के दौरान डॉ. वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड, पी.रेणुका देवी, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा हेल्पलाईन सेल के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
