जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में 10 से 16 दिसंबर तक सात दिवसीय थिएटर फेस्टिवल (जयरंगम-2023) का आयोजन किया जायेगा। थ्री एम डॉट बैंड्स थिएटर फैमिली सोसाइटी, कला एवं संस्कृति विभाग राजस्थान, जवाहर कला केंद्र जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय 12वें जयरंगम का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत यह फेस्टिवल आयोजित होगा जो कला, संस्कृति और रंगमंच के समागम के रूप में उभरकर सामने आएगा।
जयरंगम की प्रोग्रामर मन गेरा ने शुक्रवार को यहां मीडिया को बताया कि जयरंगम थ्री एम डॉट बैंड थिएटर फैमिली सोसाइटी की ओर से आयोजित होने वाला थिएटर फेस्टिवल मशहूर पटकथा लेखक, नाट्य निर्देशक, कवि एवं अभिनेता हबीब तनवीर को समर्पित रहेगा। उन्होंने बताया कि जयरंगम में राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात समेत अन्य राज्यों के लगभग 500 कलाकार हिस्सा लेंगे। इस दौरान मकरन्द देशपांडे, अहाना कुमरा, अतुल कुमार, आएशा रज़ा, उज्जवल चौपड़ा, शबनम वढेरा, हर्ष खुराना, अतुल सत्य कौशिक, लतिका जैन, हिमांशु बाजपेयी समेत अन्य मशहूर कलाकारों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में 16 नाटकों का मंचन होगा जिनमें छह नाटक राजस्थान के शामिल है। इसमें अतीत के पन्नों से उठी एक ऐसी कहानी को भी मंचित किया जाएगा जो पूर्व में हुए जयरंगम से मुलाकात कराएगा। उन्होंने बताया कि नौ नाटक ऐसे हैं जो पहली बार मंचित होंगे, इसी के साथ लतिका जैन द्वारा ‘द्वापरनाद’ सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी, यह कृष्ण और महाभारत से जुड़ी मनोरम प्रस्तुति होगी। पहली बार ‘गांव के नाऊ थिएटर, मोर नाऊ हबीब’ डॉक्यूमेंट्री और कायो कायो मूवी की स्क्रीनिंग की जाएगी वहीं महफिल ए जयरंगम में नए अंदाज में कलाकार दर्शकों से रूबरू होंगे।
उन्होंने बताया कि हर रोज तीन शो में हिस्सा ले सकेंगे कला प्रेमी जिसमें कृष्णायन में दोपहर बारह बजे, सायं चार बजे रंगायन सभागार में, शाम सात बजे मध्यवर्ती में होंगी प्रस्तुतियां। इसी तरह रंग संवाद सेशन में अपराह्न दो बजे रंगमंच से जुड़े पहलुओं पर विशेषज्ञों की उपस्थिति में चर्चा भी होगी।
उन्होंने बताया कि जयपुर रंग महोत्सव के रूप में जयरंगम ने देशभर में पहचान स्थापित की है। जयरंगम कला, संस्कृति, थिएटर और जीवंतता के समागम की तरह है। जयरंगम क्षेत्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अभिनेताओं, निर्देशकों, कहानीकारों, लेखकों और कलाकारों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। जयरंगमः जयपुर रंग महोत्सव के संस्थापक डायरेक्टर दीपक गेरा के मार्गदर्शन और प्रेरणा से फेस्टिवल ने सफलता पूर्वक 11 संस्करण पूरे किए हैं।
12वें संस्करण में युवा कलाकारों की नयी सोच और रचनात्मक प्रयोगों के साथ अब यह फेस्टिवल नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। जयपुर और राजस्थान में रंगमंच को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के उद्देश्य से जयरंगम की शुरुआत की गयी थी और अन्य राज्यों में इसी तरह का मुकाम हासिल करने के लिए थ्री एम डॉट बैंड थिएटर फैमिली सोसाइटी निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि थिएटर की जय तभी हो पाएगी जब युवा कलाकार अपनी रचनात्मकता के रंग इसमें भरेंगे, इससे भविष्य के रंगमंच को सही दिशा मिल पाएगी। यह ध्यान में रखते हुए इस बार जयरंगम में स्पॉटलाइट के जरिए रोजाना सबसे पहले कृष्णायन सभागार में 30 वर्ष से कम उम्र के निर्देशकों द्वारा निर्देशित नाटकों का मंचन होगा। इसके लिए देशभर से आवेदन मांगे गए थे, 100 में नाटकों में से सात चयनित नाटकों का फेस्टिवल में मंचन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हबीब तनवीर का यह जन्मशताब्दी वर्ष भी है ओर फेस्टिवल के दौरान केन्द्र की सुकृति गैलरी में सात दिवसीय प्रदर्शनी लगायी जाएगी। इसमें फोटोज के जरिए हबीब तनवीर के सफरनामे को दर्शाने के साथ विभिन्न संग्रहालयों से लाए गए उनके प्रोप्स, कॉस्ट्यूम्स आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। नामचीन कलाकारों से आबाद रंगमंच, रंगसंवाद, मास्टर क्लास, म्यूजिकल कॉन्सर्ट, फिल्म स्क्रीनिंग, एग्जीबिशन और सुकून ए दिल देने वाली महफिल और भी बहुत कुछ…जवाहर कला केन्द्र में सात दिन तक होने वाले जयपुर रंग महोत्सव (जयरंगम-2023) में कलात्मक इंद्रधनुष साकार होगा।
