अगरतला : अमित शाह ने आगामी संसदीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का दावा करते हुए सोमवार को त्रिपुरा के लिए एक व्यापक विकास योजना का वादा किया। शाह ने उनाकोटी जिले के कुमारघाट में भाजपा उम्मीदवार कृति देवी देववर्मन के पक्ष में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राज्य में आदिवासियों के अविकसित होने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस दोनों की आलोचना की।
उन्होंने कहा, “कम्युनिस्टों ने हमेशा विधानसभा में 20 आदिवासी आरक्षित सीटें जीतीं, लेकिन निर्दोष युवाओं को हथियार उपलब्ध कराने, गरीबी और पीड़ा देने के अलावा उनके लिए कुछ नहीं किया। पिछले 10 वर्षों में मोदी जी ने आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाया और 24 वर्षों की दुर्दशा के बाद मिजोरम के 40,000 विस्थापित ब्रू लोगों को त्रिपुरा में अच्छी बस्तियां मिलीं।”
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासी विकास को अपनी प्राथमिकता दी है और यह तब साबित हुआ जब द्रौपदी मुर्मु देश की राष्ट्रपति बनीं तथा त्रिपुरा के सत्यराम रियांग तथा बेनी माधव जमातिया को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, जनजातीय मामलों के मंत्रालय का बजट 24,000 करोड़ रुपये था जिसे मोदी शासन में बढ़ाकर 1,25,000 करोड़ रुपये कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 10 वर्षों में पूर्वोत्तर के विभिन्न समूहों और समुदायों के साथ 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे 10,000 युवाओं के हथियार डालने और क्षेत्र में शांति लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने दावा किया कि कम्युनिस्ट शासन के तहत, लोगों के पास शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच का अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप निराश युवाओं ने हथियार उठा लिए जबकि श्री मोदी ने लैपटॉप और रोजगार के अवसर प्रदान करके युवाओं को मुख्यधारा में लाया।
उन्होंने बताया कि केंद्र की पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार ने अपने 10 वर्षों में त्रिपुरा के विकास के लिए केवल 40,183 करोड़ रुपये खर्च किए थे जिसे श्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में बढ़ाकर 98000 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा अन्य बुनियादी ढांचे के लिए 20,000 करोड़ रुपये और सड़कों के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। रेलवे पर 2000 करोड़ रुपये तथा हवाई कनेक्टिविटी के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
श्री शाह ने त्रिपुरा को बंगलादेश के चटगांव बंदरगाह के रास्ते दक्षिण पूर्व एशिया के लिए पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बनाने के वास्ते दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम के जलेफा में 1550 करोड़ रुपये की एसईजेड जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की श्रृंखला को लागू करने में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा की भूमिका की भी सराहना की।
