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शिवकुमार मुख्यमंत्री नहीं बन सकेंगे

बेंगलुरु : एमबी पाटिल के सत्ता में बंटवारे के फार्मूले पर दिए गए बयान पर तंज कसते हुए कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी( भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे क्योंकि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया उन्हें नहीं बनने देंगे। भाजपा ने ट्वीट किया,“डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं, क्याेंकि सिद्धारमैया उन्हें बनने नहीं दे रहे हैं। एम बी पाटिल ने इस बयान के साथ शिवकुमार को सीधी चेतावनी भेजी है!” गौरतलब है कि मैसूरु में, पाटिल ने सत्ता-साझाकरण के फॉर्मूले का खंडन किया, और कहा कि सिद्धारमैया अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने कहा,“सिद्धारमैया पूरे पांच साल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे। अगर सत्ता-साझाकरण के बारे में कोई बात होती, तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हमें निश्चित रूप से बताया होता। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। हमारे कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी नहीं बताया।” इन टिप्पणियों से डीके भाइयों सर्वश्री डीके शिवकुमार और डीके सुरेश में रोष व्याप्त हो गया।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने न तो स्पष्ट रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त की और न ही सत्ता-साझाकरण से इनकार किया, जिसका अर्थ है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सत्ता-साझाकरण के बारे में अवगत हैं। शिवकुमार ने कहा,“देखो बॉस। उन्हें (एमबी पाटिल और अन्य) कुछ भी कहने दें। पार्टी महासचिव (के सी वेणुगोपाल) वहां हैं। मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) वहां हैं, और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) भी हैं।” शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने मीडिया से एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और खड़गे से सवाल करने को कहा। उन्होंने कहा,“फिलहाल सिद्धारमैया मुख्यमंत्री हैं। यदि आप (मीडिया) अधिक जानकारी चाहते हैं, तो सर्वश्री सुरजेवाला और कांग्रेस अध्यक्ष (खड़गे) से मिलें, और जानकारी एकत्र करें। मैं कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं करना चाहता। यह अनुचित है।”
इन घटनाक्रमों को देखते हुए भाजपा ने कहा,“इस सरकार के बचे रहने की कोई गारंटी नहीं है। बहुमत मिलने के बाद अब तक के सभी घटनाक्रमों को देखते हुए, कोई संकेत नहीं है, कोई गारंटी नहीं है कि यह सरकार टिकाऊ होगी।” वेणुगोपाल ने नयी दिल्ली में अपने संबोधन में, कर्नाटक में सत्ता के बंटवारे के फार्मूले के बारे में अफवाहों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था,“केवल कर्नाटक के लोगों के साथ सत्ता साझा करना है।” कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की शानदार जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वश्री शिवकुमार और सिद्धारमैया के आमने-सामने आये थे। उप मुख्यमंत्री पद के लिए शिवकुमार को मनाने के लिए पार्टी आलाकमान को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खबरें यह भी चल रही हैं कि बाद में मुख्यमंत्री पद का आश्वासन मिलने के बाद शिवकुमार ने फिलहाल के लिए उप मुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लिया है। ऐसे में पाटिल के ताजा बयान से राज्य में एक बार फिर कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ा होने की आशंका है।

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