जयपुर : निर्मला सीतारमण ने कहा है कि राज्य को कर्ज लेकर फ्री योजना नहीं चलानी चाहिए और किसी प्रदेश को एनपीएस का पैसा मिलने की आशा नहीं करनी चाहिए , यह पैसा राज्यों को नहीं मिलेगा।
सीतारमण ने सोमवार को यहां पोस्ट बजट चर्चा के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोई राज्य अगर किसी कारण से यह निर्णय लेता है कि एनपीएस का फंड है वो इकट्ठा दे देना चाहिए तो वह नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वह कर्मचारी का पैसा है, ब्याज कमा रहा है, वह पैसा रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के हाथ में आएगा। इकट्ठा पैसा राज्य सरकार के हाथ नहीं आएगा, यह असंभव है। जब सही समय आएगा, तभी यह पैसा कर्मचारी को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार की वित्तीय हालात ठीक हो तो ऐसी स्कीम चलाएं, बजट में उनके लिए प्रावधान करना चाहिए। अगर राज्य के वित्तीय हालात ठीक नहीं है और उसके लिए कर्ज लिया जा रहा हो, यह ठीक नहीं है। फिर उसका पैसा कौन देगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं लाने के लिए राज्य अपने संसाधन से फंड जुटाएं, टैक्स से कमाएं। फ्री योजना के लिए राज्य को उसका भार किसी और पर नहीं डालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर चीज का राजनीतिकरण करती है ईडी, इनकम टैक्स पर भी बोलेंगे तो भी राजनीतिक ही बोलेंगे। कहीं कोई गुनाह किया है तो भी कांग्रेस मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के बजट के दिन भी मैंने बोला कि गलती हो जाती है, मुख्यमंत्री ने पिछले साल का बजट पढ़ दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा रहे कि ऐसी गलती किसी वित्त मंत्री से नहीं हो।
