नई दिल्ली : केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला 14 सितंबर को गुजरात में नवसारी में झींगा किसान सम्मेलन-2023 के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)- सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रैकिशवॉटर एक्वाकल्चर (सीआईबीए) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की मंगलवार को एक विज्ञपति के मुताबिक इस सम्मेलन के दौरान सीआईबीए और राष्ट्रीय मछली मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) तथा सीआईबीए और गुजरात के मत्स्य पालक उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) के बीच समझौता ज्ञापनों हस्ताक्षर किए जाएंगे।
अपने तरह के इस दूसरे सम्मेलन में गुजरात के कृषि, पशुपालन, गाय प्रजनन, मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास मंत्री राघवजी भाई हंसराजभाई पटेल, नवसारी के सांसद, सी.आर. पाटिल और गुजरात विधान सभा के सदस्य आर.सी. पटेल भी उपस्थित रहेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस दौरान सीआईबीए और एनएफडीबी तथा सीआईबीए और गुजरात के मछली किसान उत्पादक संगठन एफएफपीओ के बीच क्रमशः एनएफडीबी द्वारा प्रस्तावित प्रीमियम सब्सिडी के साथ जलीय कृषि के लिए फसल बीमा लागू करने और एफएफटीओ के लिए तकनीकी सहायता के बारे में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उम्मीद है कि इस अवसर पर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड का झींगा फसल बीमा उत्पाद भी जारी किया जा सकता है।
तकनीकी सत्र में वर्तमान झींगा निर्यात परिदृश्य और तत्काल संभावनाओं, माइक्रोस्पोरिडियन (एंटरोसाइटोज़ून हेपेटोपेनेई (ईएचपी) के विशेष संदर्भ के साथ रोग की रोकथाम और प्रबंधन, झींगा पालन के लिए फसल बीमा, आनुवंशिक रूप से बेहतर सफेद झींगा (पेनियस इंडिकस) विकास और मडक्रैब तथा एशियाई सीबास मछली के साथ खारे पानी के जलीय कृषि के विविधीकरण की योजनाओं पर चर्चा की योजना बनाई गई है।
वहां झींगा और मछलियों के विषय में सजीव प्रदर्शन के साथ प्रदर्शनी, पुस्तकों और प्रकाशनों के विमोचन और किसानों को मछली के बीज वितरित करने का भी प्रबंध किया गया है। आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रैकिशवाटर एक्वाकल्चर (आईसीएआर-सीआईबीए), चेन्नई के नवसारी-गुजरात क्षेत्रीय केंद्र का वैज्ञानिक दल, आईसीएआर-सीआईबीए के निदेशक डॉ. कुलदीप के लाल के पर्यवेक्षण में इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।
कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ग्रिजा सुब्रमण्यम, आईसीएआर के उप महानिदेशक (मत्स्य पालन), डॉ. जे.के. जेना, नवसारी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जेड.पी. पटेल, सदस्य सचिव, तटीय एक्वाकल्चर प्राधिकरण, डॉ. वी. कृपा, गुजरात के मत्स्य पालन आयुक्त, नितिन सांगवान, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी डॉ. एल नरशिमा मूर्ति इस सम्मेलन में शामिल होंगे और किसानों तथा अन्य हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे।
इस सम्मेलन में तीन सौ से अधिक जलीय किसान, गुजरात एक्वा फीड डीलर्स एसोसिएशन के हितधारक, गुजरात एक्वा किसान संघ, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति योजनाओं के लाभार्थी, जन प्रतिनिधि, विकास विभाग के अधिकारी, तकनीशियन, बैंकर, बीमा अधिकारी, संकाय और छात्र भी भाग लेंगे।
