श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने कश्मीर में 2016 के विरोध प्रदर्शन भड़काने वाले सरजन अहमद वागे उर्फ बरकती को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। सरजन को ‘आजादी चाचा’ के नाम से भी जाना जाता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सरजन को इसी वर्ष थाना एसआईए में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला कथित तौर पर क्राउड फंडिंग (अधिक से अधिक लोगों से धन जुटान) के माध्यम से व्यापक धन जुटाने का है। धन जुटाने के अभियान में बरकती की संलिप्तता पायी गयी है। जिसमें उसने करोड़ों रुपये की धनराशि जुटाई गयी थी।
उन्होंने कहा, “जुटाई गई धनराशि का बाद में दुरुपयोग किया गया, जिसमें धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और कश्मीर घाटी में कट्टरवाद के प्रसार के लिए अघोषित संपत्ति का अधिग्रहण भी शामिल था।” वर्ष 2016 में सुरक्षा बलों द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी को मारने के बाद उसे तव्वजो मिली थी। बरकती को ‘आजादी चाचा’ के नाम से जाना जाता है।
एसआईए ने कहा कि बरकती 2016 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, रैलियां और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों के लिए उकसाने में आगे आया था। घाटी के विभिन्न पुलिस थानों में उसके खिलाफ 30 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। एसआईए कश्मीर ने खुलासा किया कि बरकती क्राउड फंडिंग के माध्यम से करीब 1.74 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाब रहा है।
उन्होंने कहा कि ये धनराशि स्पष्ट तौर से व्यक्तिगत लाभ के लिए जुटाई गई थी और जुटाई गई धनराशका एक महत्वपूर्ण हिस्सा कथित तौर पर अज्ञात उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया गया था, जिसमें अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तपोषण किया गया था। एसआईए ने कहा, “जांच के दौरान एसआईए कश्मीर ने पाया है कि बरकती ने व्यक्तिगत वित्तीय लाभ के लिए न केवल जनता की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया था, बल्कि अज्ञात स्रोतों से जुटाई गई धनराशि में गडबड़ी की थी। जिसमें उसके आतंकवादी संगठनों से संबंध होने पर संदेह जताया गया था।”
