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437528 घरों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित

गांधीनगर : गुजरात में अब तक 437528 घरों पर सोलर रूफ़टॉप सिस्टम स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 1724.68 मेगावॉट है। सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम, आकर्षक सब्सिडी तथा सरल प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण रूफटॉप सोलर की संख्या में गुजरात देश में शीर्ष पर है। वर्ष 2022-23 में राज्य सरकार ने सोलर रूफटॉप के लाभार्थियों से बिजली खरीद कर उन्हें 107 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। वर्ष 2019 से वित्तीय वर्ष 2022-23 की अवधि में अब तक सरकार ने 207 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी है।
भारत में अक्षय ऊर्जा (पुनर्प्राप्य ऊर्जा) के विकास तथा उसे अपनाने को लेकर जागृति लाने के उद्देश्य से हर वर्ष 20 अगस्त को ‘भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस’ मनाया जाता है। बायोगैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्रोइलेक्ट्रिकल पावर आदि जैसी ऊर्जा अक्षय ऊर्जा के कुछ उदाहरण हैं। ‘नेट मीटरिंग’ सिस्टम ग्राहकों के लिए लाभदायी ‘नेट मीटरिंग’ के कारण लोग अपने घरों की छतों पर सोलर रूफ़टॉप लगाने के लिए उत्सुक बने हैं। ‘नेट मीटरिंग’ ऐसा बिल सिस्टम है जिसमें सोलर रूफटॉप के लाभार्थी अपनी अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में वापस दे सकते हैं। इसका अर्थ है कि उपभोक्ता को उपयोग किए गए यूनिट पर लगभग पांच से छह रुपए प्रति यूनिट का लाभ होता है जबकि अतिरिक्त यूनिट को भी गुजरात सरकार 2.25 रुपए प्रति यूनिट के मूल्य पर ख़रीद कर उपभोक्ताओं को आय प्राप्त करने की सुविधा देती है।
वर्ष 2022-23 में सरकार ने इस प्रकार से 107 करोड़ रुपए का भुगतान नागरिकों को किया है। गुजरात में अब तक 437528 घरों पर सोलर रूफ़टॉप सिस्टम स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 1724.68 मेगावॉट है। एक किलोवॉट से एक मेगावॉट की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम को ‘नेट मीटरिंग’ का लाभ मिलता है। 24 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में सोलर रूफटॉप राज्य के गाँवों में कम से कम एक घर में सोलर रूफ़टॉप सुनिश्चित करने के लिए सरकार इस समय एक्शन मोड में है। इस एक रूफ़टॉप सिस्टम के चलते गाँव के अन्य नागरिकों को भी अपने घर पर सोलर रूफटॉप लगाने की प्रेरणा मिलेगी। हाल में राज्य में 24 प्रतिशत सोलर रूफटॉप गाँवों में हैं।
सोलर रूफ़टॉप के सशक्त क्रियान्वयन के कारण अब आदिजाति क्षेत्र के गाँवों तक भी इस योजना का लाभ पहुँच रहा है। डांग ज़िले में वाँसदा तहसील के नानी भामती गाँव में रहने वाले तथा बुहारी स्थित कॉलेज में संस्कृत के प्राध्यापक हितेन्द्रभाई प्रमोदचंद्र गान्वित कहते हैं, “हमारे स्टाफ़ में एक व्यक्ति ने सोलर रूफ़टॉप लगाया तो मैंने इस विषय में जाना। मुझे वह अनुकूल लगा। अब मेरे घर पर भी छह महीने पहले सोलर रूफ़टॉप लगाया गया है। इसके कारण पहले मेरा जो बिजली बिल 2200 से 2500 रुपए आता था। वह अब ज़ीरो हो गया है। यह योजना अच्छी है और अब हमारी सोसाइटी में अन्य तीन लोगों ने भी सोलर रूफ़टॉप लगाने का निश्चय किया है। ”
राज्य के टॉप 10 ज़िले (रूफ़टॉप की संख्या ) :अहमदाबाद – 66704, वडोदरा – 66207, सूरत – 59126, राजकोट – 48684, आणंद – 17567, भावनगर – 15787, भरूच – 15096, गांधीनगर – 14385, मेहसाणा – 14059 और कच्छ में 12643 रूफ़टॉप हैं।
सरकारी नीतियों, मज़बूत इन्फ़्रास्ट्रक्चर तथा डिजिटलाइज़ेशन से गुजरात देश में अग्रसर: गुजरात ने रूफ़टॉप सोलर इन्स्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रगतिशील नीतियाँ तथा प्रोत्साहन लागू किए हैं। इन नीतियों में अनुकूल नेट मीटरिंग नियम, सब्सिडी, टैक्स संबंधी लाभ तथा सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए कम ब्याज दर पर ऋण का समावेश होता है। राज्य सरकार ने नागरिकों के अमूल्य समय एवं ऊर्जा को बचाने के लिए एक विशेष वेब पोर्टल तैयार किया है जो रूफ़टॉप सोलर इन्स्टॉल करवाने के इच्छुक नागरिकों के लिए एक सिंगल विंडो के रूप में कार्य करता है। इस सिस्टम के अंतर्गत आवेदक अपने रूफ़टॉप सोलर इन्स्टॉलेशन आवेदनों को निर्धारित पोर्टल पर अथवा कार्यालय में सबमिट कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन पर अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जाती है। आवश्यकता के अनुसार आवेदन संबंधी निरीक्षण भी किया जाता है और इसके बाद मंज़ूरी दी जाती है। वर्ष 2024-25 में 940 मेगावॉट की क्षमता के साथ दो लाख से अधिक रूफ़टॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने की सरकार की योजना है।
गुजरात में पुनर्प्राप्य ऊर्जा : 2022-23 में 21839 एमयू उत्पादन पुनर्प्राप्य ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर सौर व पवन ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात एक अग्रसर राज्य के रूप में उभर कर आया है। सोलर पार्क का निर्माण तथा रूफ़टॉप सोलर सिस्टम इन्स्टॉलेशन को घरों तक पहुँचा कर राज्य की विपुल सौर क्षमता का उपयोग किया गया है। चारणका (पाटण) सोलर पार्क जैसे प्रोजेक्ट की सफलता ने गुजरात को भारत में सौर ऊर्जा उत्पादन में शीर्ष पर पहुँचाया है। इतना ही नहीं समुद्र तटों पर स्थित विंड फ़ार्म्स ने राज्य की पुनर्प्राप्य ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2022-23 के अंतिम आँकड़ों के अनुसार गुजरात में कुल 21839 मिलियन यूनिट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन हुआ है जिसमें 8077 एमयू सोलर, 12259 एमयू पवन, 1378 एमयू हाइड्रो, 102 स्मॉल हाइड्रो तथा 23 एमयू बायोमॉस तथा बगास शामिल है।
उल्लेखनीय है कि परम्परागत ईंधन पर से बोझ हटा कर वर्ष 2030 तक भारत की 50 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति विभिन्न पुनर्प्राप्य ऊर्जा स्रोतों द्वारा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न पहलें की हैं। वर्ष 2015 में सीओपी 21-पेरिस में प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा फ़्रांस के राष्ट्रपति ने संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (इंटरनेशनल सोलर अलायंस यानी आईएसए) लॉन्च किया था। 121 देशों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग किया गया है। भारत में उजाला योजना, नेशनल सोलर मिशन, स्वच्छ भारत अभियान तथा ग्रीन ग्रोथ से जुड़े विभिन्न निर्णय पर्यावरण के अनुकूल विकास की ओर भारत की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं। भारत के इस संयुक्त उद्देश्य तथा लक्ष्य को प्राप्त करने में मुख्यमंत्री श्री पटेल के नेतृत्व में गुजरात एक अग्रसर भूमिका निभा रहा है।

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