रायबरेली : वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अजय अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि आगामी आम चुनाव में निश्चित हार के भय से श्रीमती गांधी ने बीमारी का बहाना कर रायबरेली सीट से किनारा किया है।
अग्रवाल ने कहा कि देश और खासकर रायबरेली की नब्ज़ को भांपते हुए रायबरेली से पांच बार सांसद रहीं श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा रायबरेली सीट को छोड़कर राजस्थान से राज्यसभा में जाने का निर्णय एकदम सही है । यदि अबकी बार वह रायबरेली से चुनाव लड़ती तो उनकी बेहद शर्मनाक पराजय होती। इसी रायबरेली ने पहले उनके ससुर फिरोज गांधी, फिर उनकी सास इंदिरा गांधी तथा फिर उन्हें पांच बार सांसद बनाया लेकिन रायबरेली आज भी पिछड़ा का पिछड़ा है।
उन्होने कहा कि रायबरेली के विकास तथा यहां की जनता की खुशहाली के लिए श्रीमती सोनिया गांधी ने कुछ नहीं किया जबकि हमने क्षेत्र की जनता से वायदा किया है कि रायबरेली का विकास हम नोएडा की भांति करेंगे। पिछले पांच वर्षों में श्रीमती गांधी ने एक बार भी रायबरेली का रुख नहीं किया है और इन सब के चलते कांग्रेस पार्टी की रायबरेली में बेहद शर्मनाक हार होनी निश्चित है।
भाजपा नेता ने कहा कि स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र का जो बहाना श्रीमती गांधी ने रायबरेलीवासियों को संबोधित पत्र में दिया है उसमें कोई दम नहीं है और यह एकदम झूठ है। ठीक तो यह होता कि स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते वह राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेती, लेकिन सरकारी बंगला तथा अन्य सरकारी सुविधाओं के लालच में उन्होंने राजस्थान से राज्यसभा में जाने का जो निर्णय लिया है उससे पूरी कांग्रेस पार्टी का लालची चरित्र उजागर हो गया है।
हार के डर से सोनिया ने छोड़ी रायबरेली
