श्रीगंगानगर : राजस्थान का श्रीगंगानगर शहर कल रात से आज सुबह तक लगातार हुई भारी वर्षा से जलमग्न हो गया। इससे जनजीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ा। शहर के लगभग सभी हिस्सों तथा मुख्य मार्गों पर बरसाती पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन, नगर परिषद और नगर विकास न्यास के अधिकारी बरसाती मौसम से निपटने की तैयारी समीक्षा बैठकें कर दिशा निर्देश जारी करने में ही लगे रहे। हकीकत में धरातल पर बरसाती पानी की निकासी के लिए किसी भी निकाय ने कोई खास कदम नहीं उठाए।फलस्वरुप रविवार शाम और फिर रात्रि 12से आज सुबह लगभग 8 बजे दो दौर में करीब 70 एमएम बारिश होने से शहर डूब गया।
रविवारीय अवकाश के बाद आज कामकाजी दिन होने के कारण सुबह सवेरे लोगों को अपने प्रतिष्ठानों तथा कार्यों पर जाने में दिक्कत हुई। वही सरकारी विभागों के कर्मचारी भी आवागमन को लेकर परेशान हुए। नगर विकास, न्यास नगर परिषद और सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में हाल ही बनाई गई नवनिर्मित डामर तथा सीमेंट की सड़कें मानसून की इस पहली बरसात में ही टूट फूट गई। पानी भरे होने के कारण टूटी हुई सड़कों के खड्डे दिखाई नहीं दिए। फलस्वरूप अनेक लोग आवागमन करते न केवल चोटिल हुए बल्कि उनके वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें मिल रही हैं। घनी आबादी वाली सेतिया कॉलोनी, प्रेमनगर, हरदीपसिंह कॉलोनी, जसवंतसिंह कॉलोनी, ब्रह्म कॉलोनी और बसंती चौक के आसपास के इलाकों में सड़कें पहले से ऊंचे लेवल की बना दी गईं। लेवल सही नहीं होने और पानी की निकासी के लिए नाली-नालों को आपस में ना जोड़ने तथा इनकी सफाई न करने की वजह से बरसाती पानी घरों में घुस गया। इससे काफी नुकसान हुआ है।
