मुंबई : अमेरिकी ऋण सीमा को निलंबित करके आर्थिक रूप से अस्थिर करने वाले डिफ़ॉल्ट को टालने पर सहमति बनने पर वैश्विक बाजार की मिलीजुली प्रतिक्रिया के बीच स्थानीय स्तर पर वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, धातु और रियल्टी समेत पंद्रह समूहों में हुई लिवाली की बदौलत आज शेयर बाजार में तेजी रही। बीएसई का तीस शेयराें वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 344.69 अंक की छलांग लगाकर 62846.38 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 99.30 अंक की तेजी लेकर 18598.65 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह बीएसई का मिडकैप 0.41 प्रतिशत चढ़कर 26,912.35 अंक और स्मॉलकैप 0.30 प्रतिशत उछलकर 30,253.33 अंक पर रहा।
इस दौरान बीएसई में कुल 3811 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1967 में लिवाली जबकि 1661 में बिकवाली हुई वहीं 183 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी में 34 कंपनियां हरे जबकि शेष 16 लाल निशान पर रही। बीएसई के 15 समूहों में तेजी का रुख रहा। कमोडिटीज 0.79, सीडी 0.56, एफएमसीजी 0.49, वित्तीय सेवाएं 0.81, हेल्थकेयर 0.11, इंडस्ट्रियल्स 0.39, दूरसंचार 0.21, यूटिलिटीज 0.20, ऑटो 0.63, बैंकिंग 0.60, कैपिटल गुड्स 0.23, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.58, धातु 1.38, पावर 0.07 और रियल्टी समूह के शेयर 0.80 प्रतिशत चढ़ गए।
विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेसी रिपब्लिकन मैक्कार्थी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने शनिवार को वर्ष 2025 तक 31.4 लाख करोड़ डॉलर की ऋण सीमा को रोककर आर्थिक रूप से अस्थिर करने वाले डिफ़ॉल्ट को टालने पर सहमति व्यक्त की। इस पर वैश्विक बाजार की प्रतिक्रिया मिलजुली रही। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.74, जापान का निक्केई 1.03, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.16 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.28 प्रतिशत मजबूत रहा वहीं जर्मनी का डैक्स 0.10 और हांगकांग का हैंगसेंग 1.04 प्रतिशत गिर गया।
शेयर बाजार में तेजी
