शिमला : सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को यहाँ प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 22 नयी शाखाओं का शुभारम्भ किया। सुक्खू ने बैंक की दो नयी योजनाओं ‘एकमुश्त समाधान योजना’ और ‘उच्च घनत्व सेब बागान विकसित करने के लिये ऋण योजना’ का शुभारम्भ भी किया।
उन्होंने बैंक द्वारा आईबीपीएस के माध्यम से की जा रही 232 लिपिक पदों की भर्ती के लिये ऑनलाइन लिंक की शुरुआत भी की। नयी शाखाओं में समरकोट, झड़ग/नकराड़ी, पराला, धमांदरी, मेहंदली, जरोल, जनेहड़घाट, अप्पर कैथू, खटनोल, निहरी, चाय का डोरा, स्यांज, भराड़ी, मंडप, धार-टटोह, लोहाट, अवाह, छतराडी, हलाह, हरिपुरधार, टिम्बी और चांगो शामिल हैं।
श्री सुक्खू ने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना से बैंक के डिफाल्टर ऋणधारक जो किन्हीं कारणों से अपने देय ऋण की अदायगी समयानुसार नहीं कर पाये और जिनके ऋण खाते
31 दिसम्बर, 2023 को बैंक द्वारा एनपीए की डी-एक श्रेणी में दर्ज किये जा चुके हैं, ऐसे सभी बकायेदार ऋण धारक इस योजना के तहत अपने ऋणों की अदायगी का बैंक के साथ एकमुश्त समझौता कर निपटान के पात्र होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च घनत्व के सेब बागीचे विकसित करने के लिये ऋण योजना के तहत प्रदेश के बागवानों को उच्च घनत्व सेब के पौधारोपण में नयी तकनीक के प्रोत्साहन
और नयी किस्मों की पैदावार के लिये प्रति बीघा आठ लाख रु तक के ऋण दिया जायेगा। इस योजना के तहत ऋण धारक को अधिकतम 50 लाख रु तक ऋण दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की प्रदेश के विकास में महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैंक की सपनों का संचय-डिपॉजिट लिंक्कड़ बचत जमा योजना तथा सशक्त महिला ऋण योजना के सार्थक परिणाम आये हैं। सशक्त महिला ऋण योजना के तहत अभी तक 16836 महिला ऋणियों को 35 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण दिये जा चुके हैं।
बैंक के अध्यक्ष देविन्द्र श्याम ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि नयी शाखाओं के खुलने से समाज के सभी वर्गों को बैंकिंग सेवाओं की सुविधा घर-द्वार पर ही उपलब्ध होगी।
सुक्खू ने बैंक की 22 नयी शाखाओं का शुभारम्भ किया
