मुंबई : स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने और भविष्य को फिर से परिभाषित करने के उद्देश्य से कई उद्योगों में निवेश करने वाले उद्यमी और अभिनेता सुनील शेट्टी ने श्री ललित धर्मानी द्वारा स्थापित डीआईवाई हेल्थकेयर उद्यम ‘द बायोहैकर’ में निवेश किया है। मानव सुधार अथवा मानव स्वास्थ्य अनुकूलन के लिए माना जानेवाला बायोहैकिंग नए युग का डु–इट–युअरसेल्फ जीव विज्ञान है। इस में अपना स्वास्थ्य, प्रदर्शन और खुशहाली को बेहतर बनाने के लिए लोग अपनें शरीर, आहार और जीवनशैली में धीरे–धीरे बदलाव करते हैं।
फिटनेस उत्साही श्री धर्मानी द्वारा स्थापित, ‘द बायोहैकर’ एक पूर्ण-सेवा एकीकृत स्वास्थ्य और कल्याण क्लिनिक है, जो सेलुलर स्तर पर विकास पर ध्यान केंद्रित करके स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। द बायोहैकर लोगों को सर्वोत्तम बनाने के लिए विशेष तकनीकी प्रगति के माध्यम से उनके शरीर और दिमाग को हैक करने पर ध्यान देनेवाली सेवाएं प्रदान करता है। ‘द बायोहैकर’ के इंटीग्रेटेड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का मानना है कि व्यक्ति के स्वास्थ्य और कल्याण को ट्रैक करने और उसमें सुधार लाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
श्री शेट्टी ने इस निवेश पर कहा, “द बायोहैकर में किए गये निवेश को लेकर मैं उत्साहित हूँ, क्योंकि यह निश्चित रूप से अब तक का मेरा सबसे बुद्धिमान सहयोग है। इस में बायोहैकिंग का इस्तेमाल स्वास्थ्य और समाज पर होनेवाले प्रभाव को खोजने के लिए किया जाता है। लोगों की जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवा और फिटनेस क्षेत्र में तेजी से बढौत्री हुई है। मुझे ‘द बायोहैकर’ में रूचि है क्योंकि वेलनेस प्रदान करते हुए सीधे निदान से लेकर चिकित्सीय उपचार तक वे उच्च–स्तरीय तकनीक का इस्तेमाल करते है।
हमारी आनुवंशिक संरचना, वंशावली की खोज और इष्टतम स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों और जीवनशैली विकल्पों का आदर्श संयोजन पाना यह इन का उद्देश है। अगले कुछ सालों में बायोहैकिंग एक ऐसा शक्तिशाली साधन हो सकता है जो हम स्वास्थ्य, पोषण और मानव क्षमता के बारे में हमारी सोच में क्रांति लाएगा। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी की मोहक दुनिया है और वैश्विक स्तर पर अभिनव कंपनियाँ इस आंदोलन को चालना दे रही है और अब यह भारत में भी उपलब्ध है। यह प्रौद्योगिकी की सहायता से आपके शरीर में सुधार लाती है और दुसरों को प्रेरणा देने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली में भी बढौत्री करती है।”
धर्मानी ने कहा, “नवीनतम निवारक और उपचारात्मक तकनीकों के उपयोग से लोगों की प्रतिरक्षा को बढाना और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए उनके बर्ताव और जीवनशैली में बदलाव करने का हमारा लक्ष्य है। सेलुलर स्तर पर व्यक्ती के स्वास्थ्य का मॉनिटरिंग, डेटा एनालिटिक्स और हाई–टेक परीक्षणों के साथ ये होगा। स्वास्थ्य अनुकूलन और दीर्घायु के लिए मानव शरीर के विभिन्न पहलुओं के परीक्षण के लिए इन–हाऊस सुविधाओं के साथ भारत में हमारें केंद्र प्रस्थापित किए जा रहे है। व्यक्ती की जैविक अर्थात बायोलौजिकल आयु कम करने पर हमारा ध्यान है जिससे उनका समग्र स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकेगा।”
बायोहैकिंग के बढते उपचार और स्वास्थ्य सेवा के पारंपरिक तरीकों में बदलाव लाने की क्षमता है। आईवी थेरेपी, हाइपरबेरिक ऑक्सिजन थेरेपी, रेड लाइट थेरेपी, कम्प्रेशन थेरेपी, इंफ्रारेड ओज़ोन थेरेपी और विटामिन शॉट्स के साथ इंट्रावेनस लेजर थेरेपी,आईवी ओज़ोन थेरेपी, एनएडी प्लस थेरेपी, पेप्टाइड थेरेपी जैसे हाइ–टेक थेरेपी की सहायता से अनुवंशिकी की शक्ति का इस्तेमाल करके “द बायोहैकर”व्यक्ति के स्वास्थ्य का अनुकूलन करने का ध्येय रखता है।
