नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को असम सरकार को नोटिस जारी कर पूछा कि वह राज्य के ट्रांजिट कैंप में बंद 200 से अधिक विदेशियों को निर्वासित करने की किस तरह की योजना बना रहा है।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने ट्रांजिट कैंप में बंद घोषित विदेशियों को निर्वासित करने के बारे में असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की एक रिपोर्ट पर असम सरकार से जवाब मांगा।
पीठ ने पूछा, “ट्रांजिट कैंप में बंद विदेशियों को किस तरह से निर्वासित किया जा सकता है?” केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 14 अगस्त को शीर्ष अदालत के समक्ष एक हलफनामा दायर कर कहा था कि ट्रांजिट कैंप में करीब 211 घोषित विदेशी नागरिक हैं।
पीठ ने शीर्ष अदालत रजिस्ट्री से असम विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट को रिकॉर्ड में रखने को कहा और यह सुनिश्चित करने को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार विदेशी नागरिकों को निर्वासित करने के लिए संयुक्त प्रयास करें।
सुप्रीम कोर्ट ने असम से पूछा, विदेशी बंदियों को कैसे निर्वासित करेंगे
