नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उधव ठाकरे के बीच ‘राजनीतिक विवाद’ के संदर्भ में शीर्ष अदालत के वर्ष 2016 के ‘नवाब-रेबिया’ फैसले पर पुनर्विचार लिए सात न्यायाधीशों की पीठ को भेजने को लेकर में गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल एवं अन्य अधिवक्ताओं और शिंदे गुट का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे एवं अन्य वकीलों की ओर से पेश दलीलें पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
ठाकरे की शिवसेना ने 2016 के नबाम-रेबिया मामले में पांच न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को सात न्यायाधीशों की पीठ को सौंपने के लिए गुहार लगाई थी।
सर्वश्री ठाकरे और शिंदे के बीच का विवाद 2022 का है। विवाद के बाद ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद शिंदे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से महाराष्ट्र में नई सरकार बनी थी।
शिंदे-ठाकरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित
