लखनऊ : उत्तर प्रदेश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के फरार चल रहे निलंबित अधिकारी मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। एक खनन कारोबारी की संदिग्ध मौत के मामले में पाटीदार लगभग दो साल से फरार चल रहे थे। सरकार ने पाटीदार पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पाटीदार ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
भष्टाचार निवारण अधिनियम के मामलों की विशेष अदालत ने पाटीदार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पाटीदार जब महोबा के पुलिस अधीक्षक थे, उस समय खनन कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये थे। इतना ही नहीं त्रिपाठी ने अपने आरोपों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर 07 सितंबर 2020 को इसे वायरल कर दिया था।
इसके दो दिन बाद त्रिपाठी संदिग्ध परिस्थितियों में गोलीबारी के शिकार हो गये। गोली लगने के घायल हुए त्रिपाठी की 14 सितंबर को मौत हो गयी। इसके बाद पाटीदार सहित तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया। सरकार ने विशेष जांच टीम गठित कर मामले की गहनता से तफ्तीश करने के आदेश दिये। इसके बाद से ही पाटीदार फरार चल रहे थे।
