जयपुर : भारत के प्रमुख बिज़नेस मैनेजमेन्ट सॉफ्टवेयर प्रदाता टैली सोल्युशन्स ने आज यहां टैली प्राइम 3.0 के लॉन्च की घोषणा की। इसके साथ टैली जीएसटी समाधानों में सुधार लाते हुए बिज़नसेज़ की रिपोर्टिंग क्षमता को बेहतर बनाने के लिए तैयार है। इसकी मदद से बिज़नसेज़ को अपनी बकाया राशि तेज़ी से जुटाने में मदद मिलेगी। टैली सोल्युशन्स को उम्मीद है कि इससे अगले कुछ सालों में कंपनी के राजस्व को दोगुना करने और इसके ग्राहकों की संख्या को 2.3 से 3.5 मिलियन तक पहुंचाने में मदद करेगी।
राजस्थान भारत के सबसे जीवंत राज्यों में से एक है जहां विभिन्न श्रेणियों जेसे ऑटो एवं ऑटो कम्पोनेन्ट्स, ज्वैलरी, टूरिज़्म, रीटेल, टेक्सटाईल, फूड प्रोसेसिंग आदि में छह लाख से अधिक एमएसएमई अपना संचालन करते हैं। अकेले जयपुर में एक लाख से अधिक एमएसएमई हैं, इस तरह बीएमएस सिस्टम के लिए बड़ी संख्या में अवसर उत्पन्न होते हैं।
इन एमएसएमई को विकसित होने के लिए डिजिटलीकरण बहुत ज़रूरी है और टैली सोल्युशन्स न सिर्फ जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान में इस दिशा में कार्यरत है। आने वाले समय में कंपनी स्वतन्त्र रूप से और उद्योग जगत के साझेदारों के साथ मिलकर विभिन्न सत्रों का आयोजन करेगी, ताकि इन एमएसएमई की समस्याओं को हल करने और इन्हें ऑटोमेशन को अपनाने के लिए मदद की जा सके।
इस अवसर पर टैली सॉल्यूशंस के महाप्रबंधक (उत्तर) बालाजी एस ने मीडिया से कहा ‘‘छह साल पहले जीएसटी की शुरूआत के बाद से सरकार द्वारा कम्प्लायन्स सिस्टम को आसान और सख्त बनाने के लिए कई बदलाव लाए गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हम जीएसटी अनुभव में सुधार लेकर आए हैं, हमने इसे बिज़नसेज़ के लिए बेहद फ्लेक्सिबल बनाया है, ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ सिस्टम का अनुपालन कर सकें।
हमने रिपोर्टिंग सिस्टम को बेहतर बनाया है और आसानी से सर्च एवं सेव करने वाले फीचर्स के साथ अनलिमिटेड कस्टम रिपोर्ट्स जनरेट करने की क्षमता विकसित की है। अपने कस्टमर्स के लिए इन समाधानों का लॉन्च करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है, इसका इस्तेमाल कर वे निश्चित रूप से विकास के पथ पर बढ़ सकेंगे।’’
उन्होंने बताया कि इससे मल्टी-जीएसटीआईएन क्षमता के साथ टैली प्राइम 3.0 के यूज़र एक ही टैली कंपनी में मल्टीपल जीएसटीआईएन डेटा को मैनेज कर सकेंगे, जिससे कस्टमर्स के लिए अपने बिज़नेस डेटा को मेंटेन रखना आसान हो जाएगा। नया प्रयास जीएसटी रिटर्न जनरेट करने तथा जीएसटीआर 1, 2 ए एवं 3 बी के रीकन्साइलेशन के लिए ज़बरदस्त स्पीड देती है, इससे ये सभी काम बड़ी आसानी से हो जाते हैं।
इसमें डिजिटल पेमेंट रिक्वेस्ट का फीचर भी है, जिसकी मदद से बिज़नसेज़ के लिए अपना संचालन और पैमाना बढ़ाना सरल हो जाता है। बिज़नसेज़ इनवॉयस एवं अन्य रिपोर्ट्स में पेमेंट लिंक या क्यूआर कोड शामिल कर सकते हैं। वहीं कस्टमर्स भी अपने पसंदीदा मोड जैसे डोमेस्टिक या इंटरनेशनल डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, ईएमआई, पे लेटर, नैट बैंकिंग, यूपीआई या मोबाइल वॉलेट के ज़रिए आसानी से पेमेंट कर सकते हैं।
इस तरह पेमेंट की स्पीड बढ़ती है और बिज़नेस मालिकों के लिए कैश फ्लो की समस्या हल हो जाती है। टैली ने पेयू और रेज़रपे को अपना पेमेंट गेटवे पार्टनर भी बनाया है। उन्होंने कहा कि टैली प्राइम 3.0 सिस्टम को अधिक सरल एवं दक्ष बनाता है। इसका नया वर्ज़न एक्टिव टीएसएस सब्सक्रिप्शन के साथ यूज़र्स के लिए निःशुल्क उपलब्ध है।
