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आईटीआई के उन्नतिकरण के लिए टाटा टेक्नोलॉजी करेगा मदद

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विकास और दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन पाठ्यक्रम चलाने के लिये टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के यह फैसला लिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मंत्रिमंडल ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) और राज्य सरकार के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग के बीच एमओए पर हस्ताक्षर करने की कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि टीटीएल के सहयोग से 150 आईटीआई के उन्नयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस सिलसिले में भविष्य में परियोजना के कार्यान्वयन में आवश्यक संशोधन या परिवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
खन्ना ने कहा कि एमओए के अनुसार टीटीएल की हिस्सेदारी 4,282.96 करोड़ रुपये से अधिक है जबकि व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग का हिस्सा ‘माल और सेवा कर’ समेत 713 करोड़ रुपये है। प्रत्येक आईटीआई की कार्यशाला और प्रशिक्षण कक्ष् के करीब दस हजार वर्ग फुट के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 477 रुपये है।
उन्होंने कहा कि परियोजना की कुल लागत पांच हजार 472 करोड़ रूपये है। एमओए की अवधि 10 वर्ष नौ माह है, जिसमें परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी के लिए नौ माह निर्धारित किये गये हैं। जिस एमओए पर दस्तखत होने हैं उसमें पहले पांच साल और अगले पांच साल की शर्तें और दोनों पक्षों के कामों का अलग-अलग जिक्र किया गया है।
खन्ना ने कहा, “ 150 आईटीआई में टीटीएल द्वारा 11 दीर्घकालिक और 23 अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रशिक्षुओं को ऑन जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) करने का अवसर मिलेगा। सफल प्रशिक्षुओं को टीटीएल और अन्य कंपनियों की सहयोगी कंपनियों में अप्रेंटिसशिप या रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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