हैदराबाद : द यूनियन वर्ल्ड कांफ्रेंस ऑन लंग हेल्थ 2022, द ट्रंकेट टीबी ट्रायल में प्रस्तुत किए गए एक सफल अध्ययन से पता चला है कि टीबी से ग्रस्त मरीजों का इलाज अब छह महीने की तुलना में दो महीने में ही संभव है। इंडोनेशिया के मेडिसिन यूनिवर्सिटी की एक टीबी विशेषज्ञ इरलीना बुरहान के अनुसार, “ट्रंकेट टीबी अध्ययन के पीछे का उद्देश्य यह है कि हम उन अधिकांश लोगों का ‘ओवरट्रीट’ कर रहे हैं, जो हाल ही में टीबी से ग्रस्त हुए हैं।” उन्होंने कहा कि मरीजों को दोबारा से इस बीमारी से बचाने के लिए उन्हें लंबे उपचार आहार की आवश्यकता होगी।
सुश्री बुरहान ने कहा कि टीबी मानक इस बीमारी से ग्रस्ति मरीजों का छह महीने का इलाज कर रहा है। उन्होंने बताया कि पांच देश इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, भारत और युगांडा में ट्रंकेट-टीबी का परीक्षण किया जा रहा है। इन पांच देशों से मार्च 2018 से मार्च 2022 तक कुल 674 ट्रायल मरीजों का उपचार किया गया था।
टीबी विशेषज्ञ ने बताया कि इस परीक्षण के माध्यम से मरीजों को शुरू में आठ सप्ताह का उपचार दिया गया और इसके बाद भी उनको लगातार नैदानिक बीमारी थी। इसके बाद उपचार को 10 से 12 सप्ताह तक बढ़ाया गया। उन्होंने बताया कि मरीजों में 12 सप्ताह के बाद भी टीबी से पीड़ित थे, तो उऩके इलाज की अवधि छह महीने कर दी गयी।
टीबी का इलाज अब दो महीने में संभव
