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शिक्षक बाल पीढ़ी में राष्ट्र निर्माण करने वाला सेनानी

गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को यहां कहा कि शिक्षक बाल पीढ़ी में संस्कार का सिंचन कर राष्ट्र निर्माण करने वाला सेनानी है। पटेल ने अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के 29वें द्विवार्षिक अधिवेशन ‘अखिल भारतीय शिक्षा संघ अधिवेशन’ अधिवेशन में शुक्रवार को उपस्थित देशभर के शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षण एक नोबल प्रोफेशन है, शिक्षक अपने आप में एक संस्कृति है, शिक्षक का स्थान समाज के किसी भी अंग से ऊंचा और अधिक गरिमामय है। शिक्षक बाल पीढ़ी में संस्कार का सिंचन कर राष्ट्र निर्माण करने वाला सेनानी है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कार तथा ज्ञान का संवर्धन सिंचन करने का उम्दा कार्य करने वाले सभी शिक्षक भावी पीढ़ी के विश्वकर्मा हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ज्ञान शक्ति, रक्षा शक्ति, जल शक्ति, ऊर्जा शक्ति तथा जन शक्ति अर्थात इन शक्ति पंचामृत की नींव पर गुजरात के व्यापक वैश्विक विकास की एक बुलंद इमारत खड़ी की है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट लर्निंग तथा स्मार्ट स्कूलों पर दिए जा रहे विशेष बल का विवरण देते हुए कहा कि ज्ञानकुंज प्रोजेक्ट के अंतर्गत राज्य के सरकारी स्कूलों में 66 हजार से अधिक इंटरएक्टिव स्मार्ट क्लासों का विकास तथा अन्य 35 हजार स्मार्ट क्लास विकसित करने का काम हाथ में लिया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 780 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा चार से आठ तक के छात्रों के लिए विज्ञान और गणित विषय सम्बन्धी सामग्री के साथ लर्निंग बाय डूइंग लेब विकसित किया गया है तथा एक हज़ार विद्यालयों में कार्य प्रगति पर है। नई शिक्षा नीति के अनुसार वर्ष 2023-24 से गुजरात के सभी प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शक पद्धति द्वारा पिछले दो दशकों में लगभग सवा लाख शिक्षकों की भर्ती पारदर्शितापूर्वक तथा मेरिट के आधार पर की गई है। शिक्षकों की भर्ती के साथ ही तबादलों की समस्या का भी समाधान कर ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया लागू कर दी गई है। उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षकों से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अमृतकाल में उनके सामर्थ्य तथा शक्ति के सहारे उज्जवल भविष्य निर्माण से ज्ञान की ज्योत को अधिक प्रज्ज्वलित करने की अपील की।
केंद्रीय मत्स्योद्योग, पशुपालन और डेयरी उद्योग मंत्री पुरुषोत्तमभाई रूपाला ने इस अवसर पर देशभर से अधिवेशन में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और शिक्षकों का स्वागत किया। प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्रित्व काल में किए गए कार्यों के विषय में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए उन्होंने वांचे गुजरात कार्यक्रम तथा तरतुं पुस्तक अभियान के माध्यम से लोगों को पढने के लिए प्रोत्साहित किया। यही नहीं छात्रों के ड्रॉप आउट अनुपात को कम करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कन्या केलवणी (शिक्षा), शाला प्रवेशोत्सव तथा गुणोत्सव जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को सबसे अधिक स्वीकृत तथा सफल अभियान बताया। इसके अलावा उन्होनें परीक्षा पर चर्चा, कोरोना काल में उठाए गए ठोस कदम, जी-20 की मेजबानी आदि मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने राज्य के किसानों को भी ध्यान में लिया तथा पहली बार कृषि विज्ञान की शिक्षा देने वाले कृषि रथ गाँव-गाँव में घुमा कर खेती में भी जागृति लाई थी।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामपाल सिंह ने इस अवसर पर कहा कि गुजरात महात्मा गांधी तथा सरदार पटेल की भूमि है तथा आज इसी भूमि के हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को विकास पथ पर आगे ले जाकर विश्व पटल पर इसकी कीर्ति बढ़ा रहे हैं। उनके द्वारा लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के भविष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चार स्तंभ क्रमशः उपलब्धता, समानता, गुणवत्ता और जवाबदारी भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में सक्षम हैं। इस शिक्षा नीति को लागू कर विद्यालय में पूर्व प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों में कम उम्र से ही शिक्षा के प्रति रुचि पैदा होगी और राष्ट्रीय भावना का विकास होगा। जो एक उच्च समाज के निर्माण में उपयोगी होगा।
गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने इस अधिवेशन में स्वागत संबोधन किया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ महेन्द्रभाई मुंजपरा, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल, शिक्षा मंत्री कुबेरभाई डिंडोर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्रीमती भानुबेन बाबरिया, शिक्षा राज्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया, सांसद सी. आर. पाटिल, जगदंबिका पाल तथा सुश्री पूनमबेन माडम, एजुकेशन इंटरनेशनल संस्था के महासचिव डेविड एडवर्ड, एशिया पैसिफ़िक के चीफ़ को-ऑर्डिनेटर आनंद सिंह, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षा संघ के महासचिव कमलकांत त्रिपाठी, राज्य प्राथमिक शिक्षा संघ के महासचिव सतीश पटेल एवं विभिन्न राज्यों के शैक्षिक संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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