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बिजली चोरी रोकने में विभाग ही कर रहा पुलिस का असहयोग

हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में विद्युत चोरी रोकने एवं बिजली संबंधी मामलों के निस्तारण में राठ के अधिशासी अभियंता ही विद्युत चोरी निरोधक पुलिस (एटीपी) काे सहयोग नही कर रहे है। इसकी शिकायत आला अफसरों से की गयी है।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक से एटीपी के कर्मियों ने इस बारे में शिकायत की है।

थाने की जांच करने सोमवार को आये बिजली विभाग के अपर पुलिस अधीक्षक से एटीपी के थानाध्यक्ष समेत अन्य कर्मियों ने बिजली चोरी रोकने में विभागीय अधिकारी द्वारा सहयोग न करने की शिकायत की। एपीटी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि जिले में बिजली चोरी के हर माह कम से कम छह सौ से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। आज भी जिले में बिजली चोरी नियंत्रण थाने में सात हजार मामले लंबित पड़े हैं।
कल केस्को के अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार दिवेदी ने सदर बिजली चोरी नियंत्रण थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान थाने के स्टाफ ने बताया कि बिजली चोरी में जो आरोपी शमन शुल्क जमा करते हैं, उसकी रिपोर्ट एपीटी थाने को नहीं दी जाती है। जिससे समय से मुकदमों के निस्तारण की रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जाती है। इससे सदर थाने में मुकदमों का अंबार लगता जा रहा है।
एसओ ने एएसपी को बताया कि एपीटी में जरुरत के मुताबिक 24 की जगह केवल पांच कर्मचारी तैनात हैं। इससे काम बहुत बाधित हो रहा है। उन्होंने बताया के बिजली विभाग के राठ क्षेत्र के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र धीरानन सरकारी काम में कोई सहयोग नहीं करते हैं। इसकी जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) को दी गयी है, मगर उसका कोई असर नहीं हो रहा है। शासन के सख्त आदेश हैं कि बिजली थाने से रोजाना कम से कम पांच मुकदमों का निस्तारण किया जाये, मगर स्टाफ की कमी के चलते निस्तारण नहीं हो पा रहा है। वहीं, थानाध्यक्ष ने दावा किया हे कि जिले में बिजली चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि लोगों में न ही सिविल पुलिस का, ना बिजली चोरी नियंत्रण पुलिस का कोई भय है। इधर विजिलेंस पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। पुलिस ने दावा किया है कि सबसे ज्यादा पावर कनेक्शन धारक उपभोक्ता चोरी करते हैं। जिससे सरकार काे राजस्व का बहुत नुकसान हो रहा है। घरेलू कनेक्शन उपभोक्ता, चोरी कम कर रहे हैं। इधर जांच करने आये एएसपी ने विभाग को आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही स्टाफ की कमी पूरी की जायेगी और राठ के अधिशासी अभियंता के असहयोग के मामले में उच्चाधिकारियों से बात की जायेगी।

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