प्रयागराज : भारतीय वायुसेना के 91वें स्थापना दिवस के अवसर पर संगम क्षेत्र के खुले आसमान में हैरतअंगेज प्रदर्शन देख लोगों के मुंह से बस एक ही शब्द निकला अद्भुत, अद्वितीय एवं अकल्पनीय। प्रयागराज की जनता के लिए खुली आंखों से वायु सेना के जवानों का अपने विमानों के साथ हवा में हैरतअंगेज कलाबाजियां देखना किसी सपने से कम नहीं था। राफेल, प्रचंड, सुखोई-30, मिराज 2000 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों की ताकत का नजारा जिसने भी देखा, दंग रह गया। मुंह से बस यही निकला, अद्भुत, अद्वितीय, अकल्पनीय।
वायु सेना के विमानों ने संगम क्षेत्र में अपने शौर्य का प्रदर्शन कर लाखों की संख्या में उपस्थित दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। दुश्मनों के घर में घुसकर मार करने वाले लड़ाकू विमान तेजस, राफेल, जगुआर, प्रचंड की गर्जना ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। कुछ महिलाएं जवानों के पराक्रम को देख गौरव महसूस कर रही थीं, उनमें से कुछ ने जवानों को विमान के साथ हवा में कलाबाजियां खाते नीचे गिरता देख गंगा मईया से उनके जीवन की रक्षा के लिए प्रार्थना करते सुना गया।
इस फ्लाई पास्ट में 100 से अधिक लड़ाकू विमानों सुखोई-30, मिराज 2000, जैगुआर, एलसीए तेजस, हॉक, हेलीकॉप्टर चिनूक, एमआई-17, वी 5, चेतक और एएलएच, सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को आश्चर्यचकित करेंगे। इस एयर शो में पुराने विंटेज विमान टाइगर मोथ एचयू-512, हावर्ड ट्रेनर एचटी-291 और डकोटा चार चांद लगाया।
सांस्कृतिक नगरी प्रयागराज के बाशिंदों को पहली बार शायद इतना बड़ा अवसर देखने का अवसर नसीब हुआ है। तीन बजे शुरू रोमांचकारी कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चला। कार्यक्रम के अंत में मिग-21 ने उड़ान भरी। सूर्य किरण विमान ने हवा में डायमंड सेप बनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 1911 में जब हवाई डाक सेवा इलाहाबाद से नैनी के लिए शुरू हुई थी तब हवाई उड़ान को लोगों ने आश्चर्यचकित निगाहों से देखा था। देश के सरहद की रखवाली करने वाले लड़ाकू विमान तेजस और ध्रुव हेलीकाॅप्टर में लगने वाला लूम भी प्रयागराज के नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा बनाया जाता है। भारतीय वायुसेना की स्थापना आठ अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश शासन की सहायक वायु सेना के रूप में की गई थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के जवानों के साहस के चलते इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स कहकर सम्मानित किया गया था। लेकिन साल 1950 में भारत के गणतंत्र बनने पर भारतीय वायुसेना के आगे से राॅयल शब्द हटा दिया गया था। इससे पहले वायुसेना का 90वां स्थापना दिवस चंडीगढ़ में आयोजित किया गया था। अभी तक यह कार्यक्रम गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित किया जाता रहा।
