मुंबई : महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने बुधवार को कहा कि देश का भविष्य कृषि विकास में निहित है। कृषि प्रधान देश होने के कारण आर्थिक मंदी के दौरान भी यहां की अर्थव्यवस्था प्रभावित नहीं हुई, इसलिए किसानों को अपनी जमीन कभी नहीं बेचनी चाहिए।
बैस ने दापोली में डॉ. बालासाहेब सावंत कोकण कृषि विश्वविद्यालय के 41वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में जिसके पास कृषि होगी उसके पास पैसा होगा। कृषि के माध्यम से देश को बहुत आगे ले जाया जा सकता है। कुलाधिपति बैस ने कहा कि कृषि स्नातकों को कृषि की ओर रुख करना चाहिए और कृषि विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।
बैस ने कहा कि उन्हें खुशी है कि महाराष्ट्र का राज्यपाल बनने के बाद देश के विकास में योगदान देने वाले कृषि विश्वविद्यालय में उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम हो रहा है।
पहले लोगों को पैसे मिलते थे तो दो-चार एकड़ जमीन खरीद लेते थे, लेकिन आजकल अगर जमीन का अच्छा भुगतान किया जाता है, तो लोग जमीन बेचते हैं और उस पैसे का उपयोग घर, कार खरीदने के लिए करते हैं। इस प्रकार कई ग्रामीणों ने अपनी जमीन खो दी है और जो लोग कभी खेत मालिक थे, वे आज खेतिहर मजदूर बन गये हैं।
राज्यपाल ने कहा कि लोगों को कभी जमीन नहीं बेचनी चाहिए, किसानों को जमीन का संरक्षण करना चाहिए और साथ ही पानी की भी समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद कृषि स्नातकों को गांव में जाकर अनुकरणीय खेती करनी चाहिए और कृषि में उद्योग को जोड़ना चाहिए।
