नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उद्यान विभाग के निदेशक हरमिंदर सिंह बावेजा के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शनिवार को केन्द्र व राज्य के साथ ही निदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। अदालत ने यह भी पूछा है कि जांच रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही की गयी है। इस मामले को दीपक करगेती की ओर से चुनौती दी गयी है। साथ ही मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की युगलपीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि निदेशक बावेजा पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। आरोप है कि खाद, बीज व पौधों के नाम पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।
यह भी आरोप है कि अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार के नाम पर मिलने वाले केन्द्रीय मदद में भी गड़बड़ी की गयी है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि मामला प्रकाश में आने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से 14 सितंबर, 2022 को निदेशक के खिलाफ जांच के निर्देश दिये गये। इस जांच रिपोर्ट को 15 दिन के भीतर सौंपी जानी थी लेकिन अभी तक क्या कार्यवाही हुई है, इस संदर्भ में सरकार चुप बैठी है। याचिकाकर्ता की ओर से इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के साथ ही दोषी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गयी है। इस प्रकरण में निदेशक को भी पक्षकार बनाया गया है।
हाईकोर्ट ने उद्यान निदेशक के मामले में केन्द्र व राज्य सरकार से मांगा जवाब
