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यूपी में डेंगू मरीजों की संख्या 15 हजार के पार

लखनऊ में 7 दिन में मिले 300 मरीज, एक्सपर्ट्स बोले- अगले 10 दिन बेहद अहम
लखनऊ :
यूपी में डेंगू के केस कम नहीं हो रहे हैं। प्रदेश में सबसे बुरे हालात राजधानी लखनऊ के हैं। महज 7 दिन के अंदर 300 मरीज डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। लखनऊ में डेंगू से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेशभर की बात करें तो अब तक डेंगू के 15 हजार से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं।
सरकारी अस्पतालों में गंभीर डेंगू मरीजों को वेंटिलेटर न मिलने के कारण निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा हैं। जहां पर लाखों रुपए इलाज में खर्च करने के बावजूद जान जा रही है। शुक्रवार देर रात मोहनलालगंज के फहीम की इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू के लक्षण उनमें थे।
डेंगू की चपेट में आने पर लिक्विड डाइट का रखें ध्यान
हेल्थ और मेडिकल एक्सपर्ट्स डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच अगले 10 दिन बेहद अहम करार दे रहे हैं। यूपी के सबसे प्रीमियर चिकित्सा संस्थान एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो.आरके धीमन ने बताया कि डेंगू के लार्वा कम होते टेम्प्रेचर में ज्यादा दिन नही टिक पाएंगे। अगले 10 दिन बेहद अहम साबित होने वाले हैं।
ज्यादा फोकस इसके बचाव पर करने की जरूरत हैं। साफ सफाई जरूर रखें और मच्छरों से बचें। इसके अलावा यदि डेंगू की चपेट में आ जाते हैं तो शरीर मे लिक्विड डाइट की कमी न होने दें। बुखार हो तो की दवा डॉक्टर को दिखा कर ही लें और प्लेटलेट काउंट पर नजर बनाए रखे।
लखनऊ के पॉश शहरी इलाके बने ‘डेंगू हब’
लखनऊ में अलीगंज, इंदिरा नगर, आलमबाग, आशियाना और एलडीए जैसे इलाकों में डेंगू के लगातार केस सामने आ रहे हैं। हैरत में डालने वाली बात यह हैं कि शहरी क्षेत्र में घनी आबादी और स्लम के अलावा पॉश इलाकों में भी मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही हैं। इन इलाकों में शीर्ष प्रशासनिक अमला भी फॉगिंग कराने में जुटा हैं पर अभी भी हालात बेकाबू ही नजर आते हैं।
नोडल अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा
लखनऊ के राजनारायण लोकबंधु अस्पताल को डेंगू के इलाज के लिए नोडल अस्पताल बनाए जाने के बाद से यहां डेंगू के भर्ती मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि फिलहाल 24 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। जरूरत पड़ने पर और मरीजों को भर्ती किया जा सकता हैं।
अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। डॉक्टर पैरामेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई हैं। अस्पताल में राउंड द क्लॉक जांच की सुविधा भी है। इसके अलावा ह्रक्कष्ठ में बुखार रोगियों के लिए अलग से फीवर क्लिनिक चलाया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों में 23 लोगों की डेंगू से मौत
एक तरफ डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा हैं। वहीं दूसरी तरफ मौत का आकंड़ा भी तेजी से बढ़ रहा हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो अब तक डेंगू से प्रदेशभर में कुल 23 मौतें हो चुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रयागराज में 6 और फिर लखनऊ में 4 मौतें हैं। इसके बाद बरेली में 3 लोगों की मौत डेंगू से होने की पुष्टि हुई है।
डेंगू मरीजों की तेजी से बिगड़ती तबीयत के बीच सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की किल्लत मरीजों पर भारी पड़ती दिख रही हैं। लखनऊ के सभी बड़े चिकित्सा संस्थान SGPGI KGMU और लोहिया संस्थान तीनों में ही वेंटिलेटर के सभी बेड भरे होने के कारण मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही। गंभीर हालत में तीमारदार किसी तरह मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती करा रहे हैं, लेकिन यहां पैसे के साथ जान से भी हाथ धोना पड़ रहा है।

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