उदयपुर : राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा 21 दिसंबर से आयोजित किए जाने वाले विश्व विख्यात शिल्पग्राम महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि इस दस दिवसीय शिल्पग्राम महोत्सव का शुभारंभ 21 दिसंबर को राज्यपाल कलराज मिश्र ढोल बजाकर करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी भी मौजूद रहेंगी।
उन्हांेने बताया कि इसमें कुचिपुड़ी सहित तमाम क्लासिकल नृत्यों के साथ राजस्थान के ग्रामीण अंचलों के लोक संगीत और फॉक डांस का अनूठा संगम होगा। इस बार के शिल्पग्राम महोत्सव में देश के साथ ही विदेशी कलाकार भी शामिल होंगे। महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित चार प्रसिद्ध कलाकारों के साथ ही अपनी-अपनी आर्ट फॉर्म में सिद्धहस्त और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके 16 कलाकार भी प्रस्तुतियों से रिझाएंगे।
यहां राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं लोक कला शिल्पग्राम महोत्सव 30 दिसंबर तक चलेगा। इस बार शिल्पग्राम उत्सव की थीम ‘वर्ली ट्राइबल आर्ट’ है। महोत्सव में करीब 400 शिल्पकार शामिल होने पहुंचेंगे। श्रीमती सोनी ने बताया कि इस उत्सव में अपनी विधा पर सिद्धहस्तता दिखाने वाले पद्मश्री कलाकारों में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने वाली प्रस्तुति ‘वीर मीरा’ संगीत नाटक की रचयिता विदुषी सुमित्रा गुहा, ओडिशी नृत्यांगना, कोरियोग्राफर तथा फिल्म निर्मात्री रंजना गौहर, आंध्र प्रदेश के शास्त्रीय नृत्य, कुचिपुड़ी शैली के गुरु और कलाकार वीरनाला जयराम राव और फिल्मों में खूबसूरत गायिकी से मन मोह चुके राजस्थान के जैसलमेर के मांगणियार लोक गायक अनवर खान अपनी म्यूजिकल हार्माेनी जैसी विश्व प्रसिद्ध पेशकश देंगे।
शिल्पग्राम उत्सव-2023 में बहेगी कला की सरिता
