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जोशीमठ जैसी पर्यावरणीय आपदाएं आने की आशंका

श्रीनगर : महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि उत्तराखंड के जोशीमठ में मकानों में जो तबाही हो रही है, उससे भी केंद्र सरकार की आंख नहीं खुल पा रही है। मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे पारिस्थितिक रूप से कमजोर राज्य भी पर्यावरणीय आपदाओं की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि जोशीमठ में तबाही के बावजूद भी केंद्र सरकार की आंख नहीं खुल रही है। सरकार के पास दूरदर्शिता का अभाव है और वह केवल सांप्रायिक तनाव को बढ़ावा देने में लगी है।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ हिमशैल का सिरा मात्र है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, अमरनाथ और वैष्णो देवी जैसे पारिस्थितिक रूप से कमजोर स्थानों पर भी पर्यावरणीय आपदाएं आने की आशंका है।
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पहाड़ियों का सीना चीरकर सड़कों का विस्तार करना और तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित न करना ही विनाश का कारण बन रहा है।
गौरतलब है कि महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल जोशीमठ तथा बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का प्रवेश द्वार डूब रहा है। जोशीमठ भू-धंसाव के कारण एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है और धीरे-धीरे धंस रहा है, घरों, सड़कों और खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें आ रही हैं।

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