श्रीनगर : फारूख अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें भारत और इंडिया में कोई फर्क दिखाई नहीं देता है। गौरतलब है कि देश में चर्चा है कि केंद्र सरकार इंडिया का नाम बदलकर भारत करने पर विचार कर रही है। इस चर्चा में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भेजे गए निमंत्रण के बाद तेजी आई। अब्दुल्ला ने अपने पिता एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पुण्य तिथि के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से इतर श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, “यदि आप भारत के संविधान को देखें तो वहां स्पष्ट रूप से ‘भारत’ और ‘इंडिया’ लिखा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “यदि आप प्रधानमंत्री के विमान को देखें, तो उस पर दोनों नाम लिखे हुए हैं। मुझे ‘भारत’ और ‘इंडिया’ में कोई अंतर नहीं दिखता…जो लोग अंतर महसूस करते हैं..वे इसे जानते हैं। मुझे दोनों नामों में कोई अंतर नहीं दिखता।” उन्होंने कहा, “भारत नाम गलत नहीं है, जब भारत आज़ाद हुआ और संविधान में ‘भारत’ और ‘इंडिया’ का उल्लेख एक ही है.. तो आप लोग (मीडिया) ही चीजों को विवादास्पद बना रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया, ‘मीडिया हमेशा चीजों को विवादास्पद बनाने की कोशिश करता है। आपने कभी अच्छी चीजें नहीं लिखीं…यह आपकी अच्छाई है।’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या आपको जी-20 रात्रिभोज लिए निमंत्रण आया है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा,“ मुझे समझ नहीं आता कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मुझे क्यों आमंत्रित करना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि जी-20 संयुक्त राष्ट्र से बेहतर मंच है जहां इतने सारे देश हैं। उन्होंने कहा, ‘ये सिर्फ 20 देश हैं, जो अपनी शिकायतों का निवारण चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि जी-20 एक सामान्य मंच है और इसकी अध्यक्षता कोई दूसरा देश कर सकता है। उन्होंने कहा, “जी20 एक अच्छा मंच है जहां सभी 20 देश अपनी जरूरतों के निवारण के लिए खुद को एक साथ और मंच के सामने रखते हैं।”
लद्दाख हिल डेवलपमेंट काउंसिल (एलएचडीसी) चुनाव के संबंध में उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी हो चुकी है और अक्टूबर में वहां चुनाव होंगे। एक राष्ट्र एक वोट के संबंध में श्री अब्दुल्ला ने कहा, “उन्हें इसे संसद में रखने दीजिए, हम देखेंगे कि हम क्या करेंगे।”
भारत- इंडिया में कोई फर्क नहीं : फारूख
