नई दिल्ली : संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों की समस्यायों को लेकर 26 से 31 मई तक राज्यों में धरना प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय किया है। दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक में घटक संगठनों के 200 से अधिक किसान नेताओं ने भाग लिया। न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी कानून, कर्ज मुक्ति, किसान और खेतमजदुर पेंशन, किसान हत्यारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की गिरफ्तारी, किसानों पर झूठे मुकदमों की वापसी, शहीद किसान परिवारों को मुआवजा आदि प्रमुख मुद्दों पर 26 से 31 मई, 2023 के बीच सभी राज्यों में धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इन प्रदर्शनों में सांसदों और प्रमुख राजनीतिक नेताओं के गृह निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े विरोध मार्च निकलना और उन्हें किसानों की सभी मांगों को तुरंत हल करने की चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपना शामिल होगा, जिसमें विफल रहने पर उन्हें आगे विरोध का सामना करना पड़ेगा।
मई, जून और जुलाई के महीनों में, देश के किसानों और खेतिहरों को एकजुट करने के लिए प्रत्येक राज्य में प्रदेश, जिला और तहसील स्तर के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 1-15 अगस्त के बीच श्रमिक संघों और संगठनों के समन्वय से केंद्र सरकार द्वारा किसानों और श्रमिकों के संसाधनों को कारपोरेटों के हाथों बिक्री को समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए जाएंगे। सितंबर से मध्य नवंबर के बीच, बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनका नेतृत्व एसकेएम के राष्ट्रीय नेता करेंगे। यात्रा विशेष रूप से उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी जहां विधानसभा चुनाव होंगे, जैसे कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना आदि।
एसकेएम भारत की महिला पहलवानों के विरोध का दृढ़ और खुला समर्थन करता है, जो भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठी हैं। एसकेएम खिलाड़ियों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है और भाजपा सांसद की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करता है। एसकेएम किसान आंदोलन और एसकेएम के दृढ़ समर्थक रहे पूर्व राज्यपाल सत्य पाल मलिक के खिलाफ भाजपा सरकार द्वारा सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के प्रयोग की निंदा करता है। श्री मलिक पुलवामा में हमारे सैनिकों की शहादत, उच्चतम स्तर पर भाजपा नेतृत्व के भ्रष्टाचार आदि के संबंध में भाजपा सरकार के कुकृत्यों को उजागर कर रहे हैं। एसकेएम मलिक की बहादुरी की सराहना करता है। एसकेएम मलिक का मुंह बंद करने के भाजपा सरकार के प्रयासों का विरोध करने के सभी प्रयासों का समर्थन करेगा।
मजदूरों के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा
