इम्फाल : मणिपुर में 27 मई को आए चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के कारण राज्य भर में हजारों घर बाढ़ में डूब गये। ऐतिहासिक कंगला किला भी पानी में डूब गया है। इसी बीच, पुलिस और स्वयंसेवकों ने बाढ़ प्रभावित घरों से बुजुर्गों तथा बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा कि पिछले 48 घंटों में चक्रवात रेमल के कारण लगातार बारिश ने मणिपुर के लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के निचले इलाके जलमग्न हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग 24 और अन्य प्रमुख रास्ते बाधित हैं। इससे पूरे राज्य में वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा, “घाटी और पहाड़ी जिलों में घरों तथा संपत्तियों को हुए नुकसान से मैं बहुत चिंतित और दुखी हूं। इन घटनाओं के मद्देनजर, मैं सभी नागरिकों से धैर्य रखने का आग्रह करती हूं। राज्य सरकार आपदा स्थिति से निपटने के लिये सभी आवश्यक उपाय करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्थानीय अधिकारियों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का पालन करें। हम सब मिलकर इन चुनौतियों से पार पा लेंगे।”
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, “हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) तथा राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) के परामर्श से आगे कोई भी रास्ता खोला जाएगा। हमारी आधिकारिक टीमें इस स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे अथक प्रयास कर रही हैं।” राज्य के अधिकतर हिस्सों में भूस्खलन की सूचना मिली। सरकार ने 29-31 मई तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है।
मणिपुर में बाढ़ से हजारों घर जलमग्न
