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राजमुंदरी केंद्रीय कारागार में जान का खतरा

विजयवाड़ा : एन चंद्रबाबू नायडू ने एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश को एक पत्र लिखकर कहा कि राजमुंदरी सेंट्रल जेल में उनकी जान का खतरा है, जहां वह वर्तमान में करोड़ रुपये के कौशल विकास घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बाद बंद हैं। तेदेपा प्रमुख ने शुक्रवार को मीडिया को जारी पत्र में आशंका व्यक्त किया कि केंद्रीय कारागार में उनको जान का खतरा है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना प्राप्त हुई है कि पूर्वी गोदावरी के पुलिस अधीक्षक और जेल अधिकारियों को एक गुमनाम पत्र मिला है जिसमें लिखा है कि कुछ वामपंथी चरमपंथी उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं और हत्या के प्रयास को अंजाम देने के लिए करोड़ों रुपये का लेन-देन भी हुआ है।
उन्होंने एसीबी न्यायाधीश को लिखा,“पुलिस अधिकारियों ने अब तक उस पत्र की सत्यता के लिए कोई पूछताछ नहीं की है और न ही किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। एस. कोटा से एनडीपीएस मामले में एक रिमांड वाला कैदी पेन कैमरा के साथ जेल में घूम रहा था, अंदर कैदियों की तस्वीरें ले रहा था।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं के इशारे पर और पुलिस के समर्थन से उनके द्वारा मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री की जनविरोधी और अराजक नीतियों को उजागर करने के लिए विभिन्न स्थानों की गई यात्राओं के दौरान कई बार उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की गई। नायडू ने न्यायाधीश से आग्रह किया,“उपरोक्त सभी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे प्रदान की गई जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के अनुरूप केंद्रीय कारागार और उसके आसपास सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम की जाए।”
नायडू ने पत्र में यह भी शिकायत की कि कुछ शरारती तत्वों ने गांजे के पैकेट जेल में फेंके और बागवानी कर रहे कुछ कैदियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कारागार में बंद 2,200 कैदियों में से 750 कथित रूप से एनडीपीएस अपराधों में लिप्त रहे हैं जो मेरी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। तेदेपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एसीबी न्यायाधीश को सूचित किया कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद उनकी मौजूदा सुरक्षा कम कर दी गई थी और उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से उन्हें बहाल किया गया था।
नायडू ने कहा कि जब वह नंदीगामा गए थे तो उन्हें निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए जिसमें उनके मुख्य सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) घायल हो गए और जब वह येरागोंडापलेम के दौरे पर थे तब भी उनपर पत्थर फेंका गया जो एक एनएसजी कमांडो को लगा। उन्होंने पत्र में न्यायाधीश से शिकायत की कि सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा केंद्रीय कारागार, राजमहेंद्रवरम के ऊपर एक ड्रोन उड़ाया गया था।

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