चंडीगढ़ : अपनी जान को कुछ कट्टरपंथी ताकतों की धमकियों से बेपरवाह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि वह राज्य की शांति, प्रगति और समृद्धि के संरक्षक हैं और ऐसी मध्यस्थता उन्हें इस नेक काम से नहीं रोक सकती। उल्लेखनीय है कि अलगाववादी संगठन ‘ सिख फॉर जस्टिस’ के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गणतंत्र दिवस के समारोह में बिना सुरक्षा आने की धमकी दी है।
यहां युवाओं को नौकरी पत्र सौंपने के लिये आयोजित एक समारोह के मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की धमकियां पंजाब विरोधी ताकतों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिये राज्य सरकार द्वारा अपनाई गयी जीरो टॉलरेंस नीति का स्वाभाविक परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग राज्य की कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी सरकार इन विभाजनकारी ताकतों को उनके नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी। श्री मान ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को राज्य के भीतर और बाहर दोनों तरफ से ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और वे ऐसी धमकियों के आगे न झुककर बहादुरी से इसका सामना करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पंजाब विरोधी रुख के मास्टरमाइंडों ने विदेशों में शरण ले रखी है लेकिन हम उन्हें वापस लाकर उनके पापों की सजा देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो देश ऐसे खूंखार अपराधियों को पनाह देते हैं, उन्हें विश्व शांति के व्यापक हित में इन कट्टर अपराधियों को वापस भेज देना चाहिए। मान ने कहा कि भारत सरकार को भी ऐसे खूंखार राष्ट्रविरोधी अपराधियों को देश में वापस लाने और उन्हें देश के कानून के अनुसार दंडित करने के लिए कदम उठाना चाहिये।
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘भगोड़ा’ बताया जो बिजली मंत्री का प्रभार मिलने पर कर्तव्य निर्वहन से भाग गया। उन्होंने कहा कि अब जब राज्य सरकार ने निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदकर उलटा चलन शुरू कर दिया है तो सिद्धू बेबुनियाद और गुमराह करने वाले बयान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि आने वाले आम चुनावों में पंजाब लोकसभा की सभी 13 सीटें उन्हें देकर एक प्रकाश स्तंभ के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि एक बार फिर 13-0 से राज्य में इतिहास बनेगा, जहां 13 सीटें राज्य सरकार की जन-समर्थक नीतियों के पक्ष में फैसला देंगी और पंजाब विरोधी रुख के लिए विपक्ष को लोग बुरी तरह नकार देंगे।
धमकियाँ मुझे लोगों की सेवा करने से रोक नहीं सकतीं
