अगरतला : त्रिपुरा पुलिस ने शनिवार को उत्तरी त्रिपुरा के मिजोरम में विस्थापित ब्रूस के एक शिविर से उग्रवादी समूह के तीन और स्वयंभू कमांडरों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने खसनमपारा ब्रू बस्ती में उनके कब्जे से एक चीनी पिस्तौल, गोला-बारूद, एनएलएफटी नोटिस, सदस्यता नोटिस, भारतीय मुद्रा में 3360 रुपये और 6795 टका (बंगलादेशी मुद्रा) के साथ कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।
पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर आज तड़के छापेमारी की और दो सक्रिय एनएलएफटी कैडरों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान गनाराम रियांग और राय बहादुर रियांग के रूप में की गई है। दोनों उत्तरी त्रिपुरा के अनादबाजार के निवासी हैं और इस साल जुलाई में एनएलएफटी (पीडी) में शामिल हुए थे और बंगलादेश के एक ठिकाने में प्रशिक्षण लिया था। बंगलादेश के जुपुई में एक ठिकाने से भारत में प्रवेश करते हुए दोनों ने ब्रू शिविर में शरण ली।
पुलिस ने एनएलएफटी सदस्यों की सहायता करने के लिए खसनमपारा इलाके से राय तैनफगा रियांग नामक एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इस बीच एक स्थानीय अदालत ने दो अन्य शीर्ष कैडरों – एनएलएफटी के स्वयंभू पूर्व सेना प्रमुख सचिन देबबर्मा और एनएलएफटी के पूर्व महासचिव उत्पल देबबर्मा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिन्हें गुरुवार रात पश्चिम त्रिपुरा के सिमना से गिरफ्तार किया गया था।
एनएलएफटी के तीन कैडर गिरफ्तार
