बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के पाटी विकासखंड के ग्राम बोरकुंड में आज एक कच्चे घर में आग लग जाने की घटना में आदिवासी दंपति के तीन बच्चों की मृत्यु हो गयी। बड़वानी की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रूपरेखा यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर हुई इस घटना में 10 वर्षीय मुकेश, 8 वर्षीय राकेश तथा 6 वर्षीय आकेश की मृत्यु हो गयी। इस घटना में 4 बकरियां तथा एक बैल भी आग का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि राजाराम तथा उसकी पत्नी गुड़ी बाई पहाड़ी पर अकेले कच्चा मकान बनाकर रहते थे। वे पिछले कई दिनों से करीब 100 मीटर दूर स्थित अपने खेत में कुआं खोद रहे थे। वे आज भी भोजन करने के बाद कुआं खोदने चले गए। इस दौरान उनके तीनों बच्चे घर पर ही थे।
एक झूला झूल रहा था, दूसरा खेल रहा था तथा तीसरा मोबाइल चला रहा था। उन्होंने बताया कि दंपति जब कुआं खोदने अंदर थे, तब उन्हें बच्चों की आवाज आई लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं होने से वे अपने काम में लगे रहे। अचानक धुंआ देखे जाने पर वह घर की तरफ भागे, लेकिन इस दौरान उनके तीनों बच्चे, पशुधन तथा घर का सारा सामान और अनाज जलकर खाक हो गए थे।
उन्होंने बताया कि दरअसल आग जलते हुए चूल्हे से फैली। गर्मी के वातावरण में तेज हवा ने झोपड़ी को तेजी से चपेट में ले लिया और 15 मिनट में पूरा घटनाक्रम घटित हो गया।
घटना के बाद जिला कलेक्टर राहुल हरिदास फटिंग, पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत पटेल व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई व आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए । इस पर तात्कालिक सहायता के रूप में प्रभावितों को 30 हजार रुपए की राशि का चेक रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से दे दिया गया। इसके अलावा 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा घर में रखी वस्तुएं आग से नष्ट होने पर 01 लाख 91 हजार रुपए की राहत राशि भी स्वीकृत की है।
