अगरतला : त्रिपुरा में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने के आरोप में चुनाव आयोग के निर्देश पर तीन और सरकारी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले, सुरक्षाकर्मियों सहित दो सरकारी कर्मचारी को सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिये निलंबित किया गया था। चुनाव अधिकारियों ने यहां मंगलवार को कहा कि सरकारी कर्मचारियों को सोमवार को निलंबित किया गया था। निलंबित कर्मचारियों में सदर उप-मंडल के जेबी स्कूल में तैनात स्नातक शिक्षक नवीन पल्ली, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स सातवीं बटालियन का एक जवान किशन देवबर्मा और मोहनपुर उपमंडल में गोपाल नगर सीनियर बेसिक स्कूल में तैनात रात्रि गार्ड राशु चौधरी शामिल हैं।
इस बीच, ईसीआई ने लोक सभा चुनाव और विधानसभा उप-चुनाव को हिंसा मुक्त कराने के लिये कल ‘मिशन हिंसा मुक्त चुनाव 2024’ पर एक विशेष बैठक आयोजित की। इसमें मुख्य चुनाव अधिकारी पुनीत अग्रवाल, मुख्य सचिव जे के सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अमिताभ रंजन ने चुनाव अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को गड़बड़ी फैलाने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने का निर्देश दिया।
श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा, “अगर चुनाव के आसपास किसी भी क्षेत्र में शांति भंग या हिंसा की वारदता होती है, तो दोषियों की जांच की जाएगी और उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी, पुलिस और विभिन्न अधिकारी पीड़ित तक शीघ्र पहुंचेंगे। शांति भंग होने पर पार्टी की पहचान नहीं देखी जायेगी। उन्होंने सभी से निडर होकर मतदान करने का आग्रह किया और कहा कि अगर इस दौरान किसी सरकारी अधिकारी की ओर से लापरवाही हुई, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद अब तक 17 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लोक सभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 84 कंपनियां पहले ही तैनात की जा चुकी हैं। इनमें 4,680 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान और 1,368 केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान हैं। कुल मिलाकर छह हजार 48 जवान तैनात किये गये हैं।
त्रिपुरा में तीन कर्मचारी निलंबित
