चंडीगढ़ : मनोहर लाल द्वारा जिला प्रशासन के अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो, यही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लाल ने कहा कि विकसित भारत संकलप यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में सभी विभागों की टीमें तब तक कार्यक्रम स्थल से न जायें, जब तक वहां मौजूद नागरिकों के सभी प्रतिवेदन स्वीकार नहीं किए जाते। लोगों की समस्याओं का संपूर्ण समाधान सुनिश्चित हो यह फील्ड अधिकारियों की जिम्मेवारी है।
मनोहर लाल राज्य में 30 नवंबर से चल रही विकसित भारत संकल्प यात्रा का हर सप्ताह जिला उपायुक्तों से यात्रा के संबंध में फीडबैक लेते हैं और प्रशासनिक या अन्य किसी भी प्रकार की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा- निर्देश देते हैं देते हैं।
शुक्रवार को देर शाम भी मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ अहम बैठक कर उनसे यात्रा की प्रगति का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान लगभग 70 प्रतिशत यानी 4800 से अधिक गांवों को कवर किया जा चुका है, इसलिए अब शहरों में यात्रा शुरू की जाये। उन्होंने कहा कि यात्रा के रथ यानी मोदी की गारंटी की गाड़ी पूरे प्रदेश में पंचायत से पंचायत और ब्लॉक से ब्लॉक घूम रही है। घर-घर जाकर लोगों को केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ने के लिए यह गाड़ी संकल्पित है। गांवों की भांति शहरों में भी इन गाड़ियों के दौरे बढ़ायें जायें।
उल्लेखनीय है कि मनोहर लाल ने विधिवत रूप से राज्य में विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ 30 नवंबर, 2023 को किया था और जनता को इस यात्रा का उद्देश्य बताते हुए उनसे योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की थी। उसके बाद अब मुख्यमंत्री एक बार फिर सात जनवरी, 2024 को इस यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों से सीधा संवाद करेंगे और उनसे योजनाओं के लाभ लेने के संबंध में फीडबैक लेंगे।
लोगों की समस्याओं का समाधान करना है सर्वोच्च प्राथमिकता
