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नन्दगांव में बनेगा पर्यटक सुविधा केन्द्र

लखनऊ : कान्हा नगरी मथुरा के नन्दगांव में करीब 25 करोड़ रूपये की लागत से पर्यटक सुविधा केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। सूबे के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को यह जानकारी देते हुये बताया कि इस पर्यटक केन्द्र के अस्तित्व में आ जाने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा प्राप्त होगी। खासतौर से ऐसे पर्यटक/श्रद्धालु जो महंगे होटल का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते। इस पर्यटक सुविधा केन्द्र में पार्किंग की व्यवस्था के अलावा फूडकोर्ट, रेस्ट रूम समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि मथुरा में वृन्दावन, गोकुल, महावन, बल्देव, बरसाना, नन्दगांव तथा गोवर्धन जैसे विश्वविख्यात पर्यटन स्थल मौजूद हैं। पूरे वर्ष भर घरेलू तथा विदेशी श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते रहते हैं। जिले में तीर्थनगरी नंदगांव धार्मिक और आस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां से बरसाना की दूरी मात्र आठ किलोमीटर और कोकिला वन तीन किलोमीटर पर है, जहां हमेशा श्रद्धालु आते रहते हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस केन्द्र में कम से कम खर्च पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इसकी पार्किंग में 31 बसें तथा 245 कार खड़ी हो सकेगी। इस केन्द्र में स्थित फूटकोड की खासियत होगी कि यह खुला और कवर्ड दोनों होगा। श्रद्धालु अपने सुविधा के अनुसार इसका उपयोग कर सकते हैं। भूतल पर दो वीआईपी रेस्ट रूम तथा प्रथम तल पर 09 रेस्ट रूम की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा 86 बेड का डारमेटरी का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि वृन्दावन में पहले से ही इस तरह की सुविधाएं श्रद्धालुओं को उपलब्ध करायी जा रही है।
सिंह ने बताया कि वृंदावन में पहले से पर्यटक जनसुविधा केंद्र का निर्माण किया जा चुका है। यहां कई डारमेटरी, खुली रसोई समेत कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां भी बड़ी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसी तर्ज पर नंदगांव में भी लोगों को कम कीमत पर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि काशी एवं अयोध्या की तरह मथुरा को भी विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन सेक्टर में असीमित रोजगार तथा आमदनी की सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 75 जिलों में कम से कम एक अथवा अधिक पर्यटन स्थलों को कनेक्टिविटी तथा बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
सिंह ने बताया कि पर्यटन सेक्टर को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक विकसित करने के लिए पर्यटन नीति-2022 जारी की गयी है जिसके तहत पर्यटन सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि देश की धरती पर कदम रखने वाला हर पर्यटक कहीं न जाकर सबसे पहले उत्तर प्रदेश की ओर आए।

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