अगरतला : त्रिपुरा सरकार ने प्रशासन के डिजिटलीकरण कार्यक्रम के तौर पर मंत्रिपरिषद की कागज रहित बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही त्रिपुरा ई-कैबिनेट वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। सरकार के प्रवक्ता सुशांत चौधरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। त्रिपुरा सरकार ई-विधानसभा पहल के तहत पहले ही विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल मोड में कर चुकी है।
प्रदेश के नागरिक सचिवालय और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के प्रशासन में स्मार्ट व्यवस्था में ई-ऑफिस के लिए काम चल रहा है और बहुत जल्द त्रिपुरा डिजिटल प्रशासन को लेकर एक मील का पत्थर स्थापित कर लेगा। उन्होंने कहा, “हम सरकारी कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता लाने और त्रिपुरा में नागरिक-अनुकूल शासन की सुविधा के लिए स्मार्ट (विशिष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समयबद्ध) प्रशासन के एक मॉड्यूल पर काम कर रहे हैं, जो एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करेगा। ”
उन्होंने बताया कि ई-कैबिनेट के बारे में फैसला बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद के बैठक में लिया गया। इसके साथ ही त्रिपुरा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा अरुणाचल प्रदेश के बाद कागज मुक्त मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित करने वाला चौथा राज्य बना गया।
श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के आह्वान का तहे दिल से जवाब दिया है और त्रिपुरा में लगभग सभी सार्वजनिक सेवाओं को पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाल दिया गया है और जो कुछ बचा है वह ई-गवर्नेंस मॉड्यूल पर जल्द ही स्विच किया जाएगा।
