अगरतला : ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि त्रिपुरा उनका दूसरा घर है और 2021 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अत्याचार और अलोकतांत्रिक गतिविधियां चरम पर थी जब उनकी पार्टी लोगों के साथ खड़ी थी।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ त्रिपुरा में 28 सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का प्रचार करने यहां पहुंचीं सुश्री बनर्जी ने एमबीबी हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने कहा , “ वर्ष 1988-93 की अवधि में त्रिपुरा में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन सांसद संतोष मोहन देब, मनोरंजन भक्त और मैंने एक साथ काम किया। मैं त्रिपुरा को बहुत करीब से जानती हूं और अपना दूसरा घर महसूस करती हूं। है। पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के लोग एक ही भाषा बोलते हैं। हमारा खान-पान एक जैसा है और हम एक जैसे कपड़े पहनते हैं। इसलिए मैं चाहती हूं कि त्रिपुरा के लोगों को पश्चिम बंगाल की तरह लाभ मिले।”
उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान पुलिस की मौजूदगी में सुष्मिता देव, काकली दस्तीदास, अभिषेक बनर्जी, डोला सेन और अन्य सहित सांसद भी सत्ता पक्ष के गुंडों के हमले का शिकार हुए। भाजपा सरकार सांसदों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही।
इससे पहले बनर्जी ने दोपहर में उदयपुर के त्रिपुरेश्वरी मंदिर में पूजा की और पार्टी नेताओं के साथ चुनावी और संगठनात्मक मुद्दों पर बैठक की। वह मंगलवार को कोलकाता के लिए रवाना होने से पहले रैली को संबोधित करेंगी।
त्रिपुरा मेरा दूसरा घर है
