अगरतला : त्रिपुरा विधानसभा में कानून मंत्री रतन लाल नाथ के खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस के पास नहीं जाने की धमकी देने का आरोप लगाने के एक दिन बाद कांग्रेस विधायक सुदीप रॉयबर्मन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री माणिक साहा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रॉयबर्मन ने कहा, मैंने विधानसभा के पटल पर मुख्यमंत्री और सभी सदस्यों की उपस्थिति में दुष्कर्मी, जो कि भाजपा का शीर्ष नेता और गोमती सहकारी दुग्ध संघ का अध्यक्ष है, को बचाने में कानून मंत्री की संलिप्तता का विस्तृत विवरण रख दिया है, जिसे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल भी कर लिया गया है।
अब मुख्यमंत्री और भाजपा की बारी है कि वे कार्रवाई करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कानून मंत्री के खिलाफ मुख्यमंत्री कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो इस मामले को पार्टी और प्रधानमंत्री उच्चतम स्तर तक भेजा जाएगा, इसके अलावा उन्हें अदालत में भी घसीटा जाएगा। रॉयबर्मन ने विधानसभा में आरोप लगाया कि एक गरीब महिला ने कुछ दिन पहले कानून मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लेफुंगा पुलिस थाने में जाकर भाजपा नेता समीर दास और उनके भतीजे काशीराम दास के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कानून मंत्री के निर्देश पर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया और पीड़िता को मंत्री से मिलने का सलाह दिया।
बाद में, नाथ ने पीड़िता से मुलाकात कर उसे चेतावनी दी कि वह न तो पुलिस के पास जाए और न ही किसी को इसके बारे में बताए, वरना उसका परिवार का रोजगार से हाथ धो लेगा, उसके बेटे को छात्रावास से बाहर निकाल दिया जाएगा और उनका भविष्य अधर में लटक जाएगा। श्री रॉयबर्मन ने यह बातें विधानसभा में पीड़िता का वीडियो जारी करते हुए कहा, जो पीड़िता ने सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के सामने पेश किया था।
पीड़िता के बयान के अनुसार, वह आरोपी समीर दास के घर में काम करती थी। पिछले वर्ष दिसंबर में दास ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिसे उसके भतीजे काशीराम ने देख लिया। बाद में काशीराम उसे ब्लैकमेल करने लगा और उसके साथ कई बार दुष्कर्म भी किया।
