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दो कर्मचारी रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

चंडीगढ़ : पंजाब में भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ शुरू की गयी मुहिम के अंतर्गत पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने सोमवार को नेशनल हाईवे अथारटी आफ इंडिया (एन. एच. ए. आई.) की तरफ से अधिग्रहीत की गई ज़मीन का मुआवज़ा जारी करवाने के बदले एक प्रवासी भारतीय से 30 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में डी. आर. ओ दफ़्तर, लुधियाना में तैनात दो कर्मचारियों और दो अन्य व्यक्तियों सहित चार लोगों को गिरफ़्तार किया है।
गिरफ़्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान पटवारी राम सिंह और क्लर्क नरेश कुमार, जोकि डी. आर. ओ. दफ्तर लुधियाना में तैनात हैं और सी. ई. आई. जी. ए. एल. एल. इंडिया लिमटिड दे दो कर्मचारियों लायज़निंग अफ़सर हरकीरत सिंह बेदी और तहेन्दर सिंह के तौर पर हुई है।
विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इन मुलजिमों को एन. आर. आई. यादविंदर सिंह निवासी घवद्दी की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने थाना विजीलेंस ब्यूरो, लुधियाना रेंज में शिकायत दर्ज करवाई कि उस की छह कनालें कृषि वाली ज़मीन दिल्ली- कटरा एक्सप्रेस हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई है, जिसका 49 लाख रुपए मुआवज़ा बनता है। उसकी तरफ से मुआवज़े सम्बन्धित फाइल 22 मई, 2023 को डी. आर. ओ. लुधियाना के दफ़्तर में जमा करवाई गई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि करीब एक महीना पहले एन. एच. ए. आई. ने ज़मीन की निशानदेही करके बुर्जियाँ लगानीं शुरू कर दीं और जब उसने ऐतराज़ करते पहले ज़मीन का मुआवज़ा जारी करने के लिए कहा तो एक जे. सी. बी. ड्राइवर ने उसे महिंद्र का नंबर दिया, जिसने मुआवज़े के लिए आगे हरकीरत बेदी के साथ संपर्क करने के लिए कहा। हरकीरत बेदी ने उसको डी. आर. ओ. कार्यालय से 2- 3 दिनों में मुआवज़ा जारी करवाने का भरोसा दिया और कहा कि उसे 40, 000 रुपए देने पड़ेंगे जिस उपरांत सौदा 30, 000 रुपए में तय हुआ।
प्रवक्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद विजीलेंस ब्यूरो की टीम ने ट्रैप लगा कर साहनेवाल नज़दीक एक ढाबे में हरकीरत सिंह बेदी को सरकारी गवाहों की हाज़री में शिकायतकर्ता से 30, 000 रुपए रिश्वत लेते मौके पर काबू कर लिया। विजीलैंस ने मुलजिम के साथ आए तहेन्दर सिंह को भी गिरफ़्तार कर लिया है।
मुलजिम हरकीरत बेदी के खुलासे पर विजीलेंस टीम ने पटवारी राम सिंह और क्लर्क नरेश कुमार को भी फाइल कलियर करवाने बदले रिश्वत लेने के मामलो में मिलीभुगत के दोष में गिरफ़्तार किया है। फाइल कलियर करने के लिए दोनों मुलजिमों ने हरकीरत बेदी से 10-10 हज़ार रुपए रिश्वत माँगी थी। उल्लेखनीय है कि राम सिंह पटवारी 2020 में सेवामुक्त हो गया था और डी. आर. ओ. दफ्तर में 2020 से संविदा पर नौकरी कर रहा है।
इस संबंध में थाना विजीलेंस ब्यूरो, लुधियाना रेंज में भृष्टाचार रोकथाम कानून की अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।

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