श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में रविवार शाम को एक बड़े आतंकवादी हमले में कम से कम दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इसे आतंकवादी हमला बताया।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने श्रीनगर लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गगनगीर इलाके में मजदूरों के एक शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि ये मजदूर गगनगीर और सोनमर्ग को जोड़ने वाली 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग परियोजना पर काम कर रहे थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अभी तक हमले में हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।
कश्मीर पुलिस जोन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘गंदेरबल के गगनगीर में आतंकवादी घटना। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।’ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की निंदा करते हुए इस घटना को सोनमर्ग के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर एक कायरतापूर्ण हमला बताया।
श्री उमर ने एक्स पर पोस्ट किया ‘सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर एक और कायरतापूर्ण हमले की बहुत दुखद खबर।’
उन्होंने कहा ‘ये लोग क्षेत्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे। इस आतंकवादी हमले में दो लोग मारे गए हैं और 2-3 अन्य घायल हुए हैं। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हताहतों की संख्या अंतिम नहीं है क्योंकि स्थानीय और गैर-स्थानीय दोनों तरह के कई मजदूर घायल हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे हिंसा का एक मूर्खतापूर्ण कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा ‘गंदेरबल में दो मजदूरों के खिलाफ हिंसा के इस मूर्खतापूर्ण कृत्य की मैं स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं। उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।’
पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शांति के दुश्मनों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। श्री आजाद ने कहा ‘कश्मीर के गंदेरबल के गगनगीर इलाके में दो गैर-स्थानीय निर्दोष मजदूरों की हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी हत्या है – मानवता के खिलाफ कृत्य। शांति के दुश्मनों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदना और घायलों के लिए प्रार्थना।’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रभारी कश्मीर साजिद यूसुफ शाह ने कहा कि हिंसा का यह जघन्य कृत्य न केवल आतंकवादियों की हताशा को दर्शाता है बल्कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने में उनकी कायरता को भी रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा, ‘इस तरह की कार्रवाई उनकी हताशा को दर्शाती है और यह हमारे सुरक्षा कर्मियों की प्रतिबद्धता या जम्मू-कश्मीर के लोगों की दृढ़ भावना को कम नहीं करेगी।’
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने हमले की निंदा करते हुए गैर-स्थानीय मजदूरों पर अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा किए गए हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से माहौल खराब होगा और सरकार से निर्दोष मजदूरों पर इस तरह के क्रूर हमले को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
पिछले तीन दिनों में कश्मीर में गैर-स्थानीय लोगों पर यह दूसरा लक्षित हमला है। 18 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले के रहने वाले अशोक चौहान (30) की जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में अज्ञात आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसका शव शोपियां के वाची इलाके से बरामद किया गया।
गंदेरबल हमले में दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौत, कई घायल
