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दो हजार लोगों ने बनाई वजीराबाद घाट पर मानव श्रृंखला

  • बच्चों ने थीम सांग पर किया प्रदर्शन, गायख गीत, लोगो लॉच
  • 4 जून को हर घर से लोगों को नदी के किनारे बुला लाने की भरी हुंकार

नई दिल्ली। यमुना नदी को अविरल और निर्मल बनाने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चल रही यमुना संसद की मुहिम के तहत रविवार, 30 अप्रैल की शाम वजीराबाद घाट पर मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों के साथ पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स के साथ स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर यमुना संसद का लोगो लांच किया गया। साथ ही बच्चों ने यमुना संसद के थीम सॉग पर प्रस्तुति भी दी। मानव श्रृंखला में शामिल लोगों ने यमुना की सफाई की शपथ ली।

यमुना संसद के संयोजक रविशंकर तिवारी ने बताया कि चार जून को वजीराबाद से कालिंदी कुंज के बीच एक लाख लोगों की जुटान से पहले यमुना तट पर इसी तरह की सात और भी छोटी-छोटी मानव श्रृंखलाएं बनाई जाएंगी। इससे दिल्ली के लोग यमुना के प्रति ज्यादा जागरूक बनेंगे। साथ ही वह यमुना को साफ करने की अपनी जिम्मेदारी भी समझेंगे। यह सब एक तरह से यमुना संसद का ट्रायल भी साबित होगा। इसकी गूंज चार जून को सुनाई पड़ेगी।

आयोजकों ने बताया कि यमुना को अविरल व निर्मल रखने की जिम्मेदारी पूरी दिल्ली की है। यह तभी संभव होगा, जब सबको पता होगा कि यमुना की हालत कैसी है। इसी मकसद से 4 जून सुबह 6:30 बजे एक लाख लोगों के यमुना संसद लगाई जाएगी। इसमें वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक सभी हाथ से हाथ जोड़े खड़े होकर यमुना की साफ-सुथरा रखने की शपथ लेंगे।


यमुना संसद का मानना है कि दिल्ली की जीवनदायिनी को साफ करने में समाज की भी अहम भूमिका है। चार जून की मुहिम इसमें मील का पत्थर साबित होगी। पूरे देश से मुहिम को समर्थन मिल रहा है। सभी का मानना है कि यमुना की अविरलता सुनिश्चित करने में सबको अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।

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