गगरेट व अंब पानी-पानी, कार में आग
ऊना : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले जनपद के गगरेट और अंब उपमंडलों में मध्य रात्रि से हो रही मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर मचाया है। हालत यह है कि जहां एक तरफ इन दोनों उपमंडलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का पानी भर जाने के चलते लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं कई सड़कों और पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। चिंतपूर्णी क्षेत्र के सिद्ध चलेहड़ में एक कार पर ल्हासा और पेड़ गिर जाने के चलते उसमें आग लग गई।
वहीं अंब उपमंडल के दो क्षेत्र में भारी बहाव के बीच दो लोग बह गए हैं, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया। मूसलाधार बारिश के बाद जिला की लाइफ लाइन कही जाने वाली सोमभद्रा नदी में आए भारी उफान के चलते ऊना होशियारपुर रोड स्थित घालूवाल पुल को एक बार फिर बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। गौरतलब है कि नौ जुलाई को भी इन्ही हालातों के बीच इसी पुल को यातायात के लिए पूरी तरह बंद करने का फैसला लेना पड़ा था, जिसके बाद नदी में आई बाढ़ के कारण इस भरी क्षति भी पहुंची थी।
सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि से जारी मूसलाधार बारिश ने जिला ऊना के गगरेट और अंब उपमंडलों में जमकर कोहराम मचाया है। भारी बारिश के चलते जहां रिहायशी और बजारी क्षेत्र में भारी पानी भरने से नुकसान हुआ, वहीं जल भराव और नदी नालों के उफान पर आने के कारण दोनों उपमंडलों में सड़कों और पुलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। यहां तक की अंब उपमंडल के अंदोरा और धुसाड़ा में नदी नालों को पार कर रहे दो लोग बाढ़ के बीचो बीच फंस गए, जिन्हें कड़ी मशक्क्त के बाद रेस्क्यू किया गया।
दूसरी तरफ चिंतपूर्णी के समीप सिद्ध चलेहड़ गांव में ल्हासा और चील का पेड़ कार पर गिर जाने के चलते कार में आग लग गई। हालांकि समय रहते कार में मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया, जिसके चलते किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। सोमभद्रा नदी में भारी उफान के चलते कई सहायक खड्डों और नालों का पानी पलट कर किसानों के खेतों में घुसने से भी नुकसान हुआ है।
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि दोनों उपमंडलों में संबंधित एसडीएम ने रेस्क्यू की पूरी कमान अपने हाथों में संभाली है। जबकि सोमभद्रा नदी भी मूसलाधार बारिश के चलते उफान पर आ चुकी है। नदी के बेतहाशा बढ़े हुए जलस्तर के चलते जिला प्रशासन ने ऊना होशियारपुर रोड स्थित घालूवाल के सोमभद्रा पुल को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। जलस्तर के कम होने के बाद तकनीकी परामर्श के आधार पर इस पुल को यातायात के लिए खोला जाएगा।
