बेलगावी : कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को संसद भवन में सुरक्षा उल्लंघन को लेकर हंगामे के बाद कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही बाधित हुई और कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। संसद में सुरक्षा का उल्लंघन करने वाले लोगों को पास देने के लिए उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की ओर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा का नाम लेने के बाद सदन में हंगामा मच गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा,“ प्रताप सिम्हा एक बुद्धिमान व्यक्ति हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने (आरोपियों को) पास क्यों दिए। आरोपियों काे देख सांसद चूहों की तरह भागे।” उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “डीके सुरेश भी एक सांसद हैं। अगर उन्होंने पास दे दिया होता तो क्या होता? उन्हें (शिवकुमार को) इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।”
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि अगर पार्टी के सांसद ने यह पास दिया गया होता तो भाजपा कांग्रेस को गद्दार करार देती। उन्होंने पूछा, “क्या हमें भाजपा की कार्रवाई पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।” कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए श्री अशोक ने तर्क दिया कि उन्होंने श्री शिवकुमार को आतंकवादी नहीं कहा क्योंकि उन्होंने अपमानजनक टिप्पणी की थी कि बेंगलुरु विस्फोट के आरोपी उनके भाई हैं। हंगामा बढ़ने से पहले श्री अशोक ने कहा कि विधायी मुद्दे अच्छे इरादे से पारित होते हैं, लेकिन इन स्थितियों में उन्हें खलनायक माना जाता है।
परमेश्वर ने कहा कि पास जारी करते समय पहचान अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “कल मैंने 300 से 400 लोगों की भीड़ देखी। मैंने भीड़ लगाने के लिए पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। भीड़ के कारण मुख्यमंत्री लिफ्ट की ओर नहीं जा सके।” परमेश्वर ने विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर से सुरक्षा बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया क्योंकि वह विधानसभा के प्रभारी हैं।
इससे पहले संसद में एक बड़े सुरक्षा उल्लंघन में, दो व्यक्ति आज शून्यकाल के दौरान सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए और इससे पहले वह किसी तरह की वारदात करते सांसदों ने दोनों को पकड़ लिया था।
संसद में सुरक्षा उल्लंघन पर कर्नाटक विस में हंगामा
