सिरसा : हरियाणा के सिरसा जिला के विभिन्न किसान संगठनों,सरपंच एसोसिएशन व विपक्षी दलों के प्रतिनिधि लघु सचिवालय में एकत्र हुए और यहां इन्होंने मुख्यमंत्री व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका। संगठन प्रतिनिधियों का आरोप है कि मुख्यमन्त्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सिरसा में तीन दिवसीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान अभद्र शब्दावली अपनाई गई , किसानों पर लाठीचार्ज व गिरफ्तारी की गई जो निंदनीय है।
इन्होंने तत्पश्चात जिला प्रशासन को राज्यपाल के नाम एक सयुंक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस दौरे के दौरान किसानों व आगंनबाड़ी वर्करों पर बनाये गये मुकदमे वापिस लिए जाने की मांग की गई है। आयोजित रोष प्रदर्शन में हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की राज्य उपप्रधान संतोष बैनीवाल,माकपा नेता कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क,सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग,आप नेता कुलदीप सिंह गदराना, भारतीय किसान एकता के मैक्स सहुवाला, राष्ट्रीय किसान संघ के जसबीर सिंह भट्टी, राष्ट्रीय किसान मंच के जिंदा नानूआना,जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मलकीत सिंह खोसा,हरियाणा किसान समाज के गुरनाम सिंह झब्बर सहित अन्य किसानों ने हिस्सा लिया। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के उपरांत मीडिया को इन्होंने बताया कि सिरसा में जन संवाद के नाम पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री द्वारा आम लोगों की बात सुनने की बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। यहां तक की फरियादी को बाहर निकालो व पीटो जैसे शब्दों का प्रयोग भी किया गया जोकि निंदनीय है।
उन्होंने बताया कि डबवाली गांव में मांग पत्र लेकर आये आंगनवाड़ी वर्करों व किसानों को बुरी तरह पीटा गया। 17 किसानों व दो आंगनवाड़ी वर्करों पर केस भी दर्ज किए गए। गांव खैरेकां में गीता रानी नाम की महिला जो चिट्टे का नशा बन्द करवाने की मांग कर रही थी, उसे कहा गया कि आप किसी की सिखाई हुई बोल रही हैं। गांव बणी में गांव के सरपंच नैना झोरड़ ने अपने पति पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग के दौरान अपनी चुनरी मुख्यमन्त्री के पैरों में रखकर कार्यवाही करने की मांग की तो उसे सुरक्षाकर्मियों ने नंगे सिर स्टेज से धक्के मारकर नीचे उतारते हुए हिरासत में ले लिया।
गांव ओटू में हरियाणा किसान समाज के प्रतिनिधि गुरनाम सिंह झब्बर को पहले बोलने का टोकन देकर बाद में गिरफ्तार कर रानियां थाना में बन्द कर दिया गया। गांव खैरेकां में बिजली-पानी की मांग रखने वाले गांव बनसुधार के सुरेश सहित आप पार्टी के अन्य जनप्रतिनिधियों को पीटते हुए बाहर निकाला गया। हम सभी किसान संगठन,सरपंच एसोसिएशन व सियासी संगठन महामहिम राज्यपाल से मांग करते हैं कि उपरोक्त घटना, जो मुख्यमन्त्री दौरे के दौरान हुई, वो बेहद निंदनीय है, इसकी गहनता से जांच की जाये। इस दौरे के दौरान किसानों व आगंनबाड़ी वर्करों पर बनाये गये मुकदमे वापिस लिए जाएं। इस तमाम अभद्र व्यवहार के लिये मुख्यमन्त्री आमजन से सार्वजनिक तौर पर मांफी मांगें।
विभिन्न संगठनों ने फूंका मुख्यमंत्री खट्टर का पुतला
