नई दिल्ली : विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल को प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के समकक्ष बताने और चुनाव जीतने के बाद बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की तीखी आलोचना की है। विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में प्रखर राष्ट्रभक्त संगठन बजरंग दल की तुलना कानूनन प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन पीएफआई से की है। बजरंग दल का एक एक कार्यकर्ता राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ‘सर तन से जुदा’ नारे के साथ समाज में भय फैलाने वाले गैंग का साथ दिया है जबकि बजरंग दल से पीएफआई का लोकतांत्रिक ढंग से इसका मुकाबला किया और भय को दूर करने का काम किया। इसी से बौखला कर कांग्रेस की सोनिया गांधी ने बजरंग दल को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है।
जैन ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस इरादे को स्वीकार नहीं करेगी। बजरंग दल ने हमेशा से राजनीति से दूर रह कर अपना सेवा का काम किया है, लेकिन कांग्रेस ने उसे राजनीति में घसीटने की कोशिश की है तो बजरंग दल भी लोकतांत्रिक ढंग से इस चुनौती का जवाब देगा। जैन ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी आतंकवादी संगठन सिमी पर प्रतिबंध लगाये जाने का विरोध किया था और सड़कों पर प्रदर्शन किया था। आज बजरंग दल पर प्रतिबंध की बात कह कर उसने अपने एजेंडा का खुला इजहार कर दिया है। देश इस एजेंडे को स्वीकार नहीं करेगा।
कांग्रेस के चुनावी एजेंडा को लेकर विहिप का पलटवार
