जम्मू : पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन(पीएजीडी) ने शनिवार को जम्मू प्रांत के गैर-भाजपाई राजनीतिक दलों के साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में रहने वाले गैर-स्थानीय नागरिकों को कथित मतदान के अधिकार के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की। पीएजीडी की गैर-स्थानीय लोगों को मतदान के अधिकार के मद्दे को लेकर यह दूसरी बैठक है, जिसकी अध्यक्षता इसके संरक्षक और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला ने की।
बैठक में पीएजीडी उपाध्यक्ष और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, प्रवक्ता और माकपा नेता मोहम्मद युसूफ तारिगामी सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। जम्मू प्रांत के सभी मुख्यधारा के गैर-भाजपा राजनीतिक दलों, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों ने बैठक में भाग लिया। डॉ फारूक अब्दुल्ला के जम्मू कार्यालय में हुई दो घंटे से अधिक लंबी बैठक में गैर-स्थानीय लोगों को मतदान के अधिकार के खिलाफ राय व्यक्त की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ अब्दुल्ला ने कहा, “हमने चुनाव अधिकारी के फैसले और इरादे पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसलिए, हमने इस चुनौती से लड़ने की रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है”।
डॉ अब्दुल्ला ने कहा कि समिति चुनाव आयोग और जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी से भी मुलाकात करेगी। उन्होंने कहा, “भाजपा जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है और इस डर से कि वे चुनाव हार जाएंगे, बाहरी मतदाताओं को पंजीकृत किया जा रहा है। हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
उन्होंने कहा कि हमें केंद्र सरकार, उपराज्यपाल या रिटर्निंग ऑफिसर पर कोई भरोसा नहीं है। पांच अगस्त 2019 से पहले भी यह आश्वासन दिया गया था कि कुछ नहीं होगा, लेकिन हमारी पहचान और विशेष दर्जा छीन लिया गया।
गैर-स्थानीय लोगों को मतदान का अधिकार , पीएजीडी की बैठक
