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सिरसा-फतेहाबाद में बढ़ सकता है जल संकट

सिरसा : हरियाणा में भाखड़ा मेन लाइन (बीएमएल) में गांव चंदनपुर पटियाला के पास डाउनफॉल पर 10.5 फुट दीवार धंसने से नहर में पानी का लेवल कम कर दिया गया है। बीएमएल टोहाना हैड से 4500 से 4800 क्यूसिक पानी सिरसा, फतेहाबाद व हिसार के कुछ हिस्से को दिया जाता है। करीब 2800 क्यूसिक पानी सिरसा क्षेत्र में दिया जाता है, जबकि 1600 से 1700 की सीट पानी फतेहाबाद ब्रांच में दिया जाता है, जिससे हिसार के कुछ हिस्से आदमपुर तक सिंचाई व पीने के पानी के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि टोहाना हैड से 4500 क्यूसिक की बजाए 2000 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे सिरसा व फतेहाबाद क्षेत्र में सिंचाई के साथ-साथ पीने वाले पानी की भी दिक्कत आ सकती है। बीएमएल की रिपेयर के लिए अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। नहरी विभाग व पंजाब सरकार इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हरियाणा के साथ-साथ इस नहर से पंजाब के मानसा क्षेत्र में भी सिंचाई बाधित हो रही है।

रबी सीजन की फसलों का बिजाई का समय चल रहा है, जिसमें मु ता सरसों की बिजाई के लिए पानी की अति आवश्यकता है। हमारी हरियाणा सरकार से अपील है कि बीएमएल नहर को ठीक करवाने के लिए हस्तक्षेप करे, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी मिल सके। हिसार जोन के ट्यूबवैलों की बिजली का शैड्यूल भी बदल दिया गया है।

पहले एक बार में आठ घंटे बिजली की सप्लाई दी जाती थी, लेकिन उसको अब दो हिस्सों में दे रहे हैं, जो कि छह घंटे एक बार और दो घंटे बाद में जिससे किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बासमती 1401 में पानी की जरूरत है और दूसरा सरसों की बिजाई के लिए भी पानी चाहिए। बिजली की सप्लाई बढ़ाई जाए, जिससे किसानों को दोहरी मार से बचाया जा सके।

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