कोलकाता: अनिक थापा के नेतृत्व वाले भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा ने बुधवार को कलिम्पोंग जिले और उत्तरी दार्जिलिंग जिले में अर्ध-स्वायत्त निकाय के लिए रविवार के चुनावों में 45 में से 27 सीटें जीतकर गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) पर ‘कब्जा’ कर लिया। इस चुनाव में हमरो पार्टी ने आठ सीटों पर जीत हासिल की और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को पांच सीटें मिलीं। साथ ही,पांच सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी सफल रहे। टीएमसी ने 10 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से पांच पर जीत मिली। यह पहली बार है, जब सत्तारूढ़ दल ने जीटीए चुनाव में अपना खाता खोला है। टीएमसी नेता विनय तमांग ने दार्जिलिंग की डाली से 500 से अधिक मतों से जीत हासिल की।
चुनावों से पहले, बीजीपीएम ने टीएमसी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया था और 36 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ा और 27 सीटों पर जीत हासिल की। गौरतलब है कि गोरखा जनमुति मोर्चा (जीजेएम), जिसने 2012 में जीटीए के गठन से लेकर 2017 शासन किया था, इस बार चुनावों से दूर रहा। जीजेएम प्रमुख एवं जीटीए के पूर्व अध्यक्ष विमल गुरुंग चुनाव स्थगित करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर चले गए। उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिषद गोरखा समुदाय की समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं ला सकती है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों, गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट और ऑल इंडिया गोरखा लीग ने भी जीजेएम की मांग का समर्थन करते हुए चुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे।
